Pranav Constructions Q1 FY27 में समेकित शुद्ध मुनाफा सालाना 45.5% बढ़कर ₹14.4 करोड़ रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह ₹9.9 करोड़ था। कंपनी की 2 अक्टूबर 2026 को BSE पर दाखिल निवेशक प्रस्तुति के अनुसार, परिचालन राजस्व 15.7% बढ़कर ₹164.5 करोड़ पहुंचा। हालांकि, तिमाही के दौरान प्री-सेल्स पिछले साल के मुकाबले कम रही।

मुनाफे की वृद्धि राजस्व से तेज रही। EBITDA 40.9% बढ़कर ₹29.3 करोड़ हुआ और EBITDA मार्जिन 318 आधार अंक सुधरकर 17.81% पहुंचा। शुद्ध मुनाफा मार्जिन भी 6.96% से बढ़कर 8.75% रहा। वहीं, वित्त लागत 32.5% बढ़कर ₹10.2 करोड़ हो गई।

समेकित तिमाही नतीजों की तुलना

नीचे रकम करोड़ रुपये में हैं; प्रति शेयर आय रुपये में है। सालाना बदलाव प्रस्तुति में दिए गए हैं।

मद Q1 FY27 Q1 FY26 सालाना बदलाव
परिचालन राजस्व 164.5 142.2 15.7% वृद्धि
EBITDA 29.3 20.8 40.9% वृद्धि
कर-पूर्व मुनाफा 18.5 12.9 43.4% वृद्धि
कर-पश्चात मुनाफा 14.4 9.9 45.5% वृद्धि
डाइल्यूटेड EPS 1.65 1.13 46.0% वृद्धि

प्री-सेल्स में नरमी, वसूली बढ़ी

तिमाही की प्री-सेल्स ₹109.5 करोड़ से घटकर ₹89.7 करोड़ रही। बेचा गया क्षेत्रफल भी 29,446 वर्ग फुट से घटकर 22,697 वर्ग फुट हुआ। इसके विपरीत, औसत बिक्री प्राप्ति 6.3% बढ़कर ₹39,521 प्रति वर्ग फुट पहुंची।

कंपनी के अनुसार, 30 जून 2026 तक निर्माणाधीन परियोजनाओं की बिक्री योग्य इन्वेंटरी का लगभग 92% प्री-सेल हो चुका था। आगे की प्री-सेल्स के लिए उसने नई लॉन्चिंग को आधार बताया। निर्माण की प्रगति से जुड़े भुगतान चरणों के समर्थन से तिमाही वसूली 26% बढ़कर ₹93.8 करोड़ रही, जो सालभर पहले ₹74.3 करोड़ थी।

कंपनी ने तिमाही में पुनर्विकास पोर्टफोलियो में नई परियोजनाएं जोड़ीं और एक परियोजना पूरी की:

  • Sion की Shantikunj CHSL और Kandivali के Santosh Bungalow को जोड़ा; इनका कुल विकास योग्य क्षेत्रफल 0.14 मिलियन वर्ग फुट है।
  • Santacruz West में 82,593 वर्ग फुट विकास योग्य क्षेत्रफल वाली परियोजना लॉन्च की।
  • Borivali West की Lakshman Tower CHSL पूरी की और तिमाही में उसका ऑक्युपेशन सर्टिफिकेट प्राप्त किया।

शेष FY27 में पांच परियोजनाओं की लॉन्चिंग प्रस्तावित है, जिनका अनुमानित सकल विकास मूल्य यानी GDV ₹713.94 करोड़ है। FY28 के लिए 13 परियोजनाओं का अनुमानित GDV ₹1,412.93 करोड़ बताया गया है। ये अनुमान मौजूदा प्रचलित कीमतों पर आधारित हैं और इनमें भाव वृद्धि शामिल नहीं है। लॉन्चिंग की समयसीमा सांकेतिक है तथा नियामकीय मंजूरियों पर निर्भर करेगी।