Pakka NCD आवंटन: ₹50 करोड़ की मंजूरी, जूनियर सीरीज पर 19.40% ब्याज
Pakka ने ₹50 करोड़ के NCD आवंटन को मंजूरी दी। जूनियर और सीनियर सीरीज की ब्याज दरें अलग हैं; यह किस्त ₹540 करोड़ के स्वीकृत निर्गम का हिस्सा है। जानिए पूरी

Pakka NCD आवंटन के तहत कंपनी की फंड रेजिंग कमेटी ने 8 अक्टूबर, 2026 को ₹50 करोड़ के गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर (NCD) के आवंटन को मंजूरी दी। कंपनी ने उसी दिन BSE को दी गई फाइलिंग में यह जानकारी दी। निजी प्लेसमेंट के जरिए जारी होने वाले ये डिबेंचर अनलिस्टेड, सुरक्षित, अनरेटेड और रिडीमेबल हैं।
फाइलिंग के विषय और अनुबंध-I में इसे ₹540 करोड़ के कुल निर्गम की तीसरी किस्त बताया गया है। कंपनी के निदेशक मंडल ने कुल निर्गम को 26 मई, 2026 की बैठक में मंजूरी दी थी। इस किस्त में ₹1 लाख अंकित मूल्य के कुल 5,000 डिबेंचर शामिल हैं। इनमें ₹30 करोड़ की जूनियर सीरीज और ₹20 करोड़ की सीनियर सीरीज है।
दोनों सीरीज की ब्याज दरें और अवधि
डिबेंचर दस्तावेजों के अनुसार दोनों सीरीज की ब्याज दर और परिपक्वता अवधि अलग हैं। फाइलिंग में दिए गए प्रमुख नियम इस प्रकार हैं:
- जूनियर सीरीज: 3,000 डिबेंचर, कुल राशि ₹30 करोड़ और 19.40% सालाना ब्याज। अवधि तथा मूलधन भुगतान की समयसीमा 31 मई, 2035 तक है।
- सीनियर सीरीज: 2,000 डिबेंचर, कुल राशि ₹20 करोड़ और 11.50% सालाना ब्याज। अवधि तथा मूलधन भुगतान की समयसीमा 30 जून, 2033 तक है।
अनुबंध-II में दोनों सीरीज के आवंटी के रूप में Neo Special Credit Opportunities Fund II का नाम है। तालिका में जूनियर सीरीज के लिए ₹30 करोड़ और सीनियर सीरीज के लिए ₹20 करोड़ प्राप्त होने का विवरण है। वहीं, आवंटन संबंधी शर्त में संबंधित किस्त की राशि मिलने के तीन दिन के भीतर आवंटन करने की बात कही गई है। इन NCD को शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने का प्रस्ताव नहीं है।
सुरक्षा का दायरा और दस्तावेज में अंतर
डिबेंचर देनदारियों के लिए प्रस्तावित सुरक्षा में मौजूदा और नए प्रोजेक्ट की परिसंपत्तियों पर मॉर्गेज तथा चार्ज शामिल हैं। कंपनी की वर्तमान और भविष्य की चालू परिसंपत्तियां, प्राप्य रकम, खाते, निवेश और बीमा अनुबंधों से मिलने वाली राशि भी इसके दायरे में हैं। इसके अलावा, दस्तावेजों में परिभाषित कंपनी और Yash Agro Products Limited की प्रतिभूतियों को गिरवी रखने का प्रावधान है।
फाइलिंग में कुछ विवरण आपस में मेल नहीं खाते। मुख्य पत्र में एक जगह इसे दूसरी किस्त कहा गया है, जबकि विषय और अनुबंध-I में तीसरी किस्त लिखा है। कुछ रकमों के अंकों और शब्दों में भी अंतर है। हालांकि, निर्गम आकार और आवंटी तालिका में कुल ₹50 करोड़ तथा ₹30 करोड़ और ₹20 करोड़ का विभाजन समान है।
