Muthoot Capital NCD निर्गम के तहत Muthoot Capital Services Ltd की डिबेंचर निर्गम एवं आवंटन समिति ने 3 अक्टूबर 2026 को ₹200 करोड़ तक के गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर जारी करने और आवंटित करने को मंजूरी दी। कंपनी ने उसी दिन BSE को दी गई फाइलिंग में बताया कि यह निर्गम निजी नियोजन के जरिए, निदेशक मंडल की स्वीकृत सीमा के भीतर होगा।

प्रस्ताव के अनुसार, कंपनी ₹10,000 अंकित मूल्य वाले अधिकतम 2,00,000 NCD जारी करेगी। ये सीनियर, सुरक्षित, रेटेड, सूचीबद्ध, रिडीमेबल, करयोग्य और हस्तांतरणीय डिबेंचर होंगे। इन्हें BSE पर सूचीबद्ध करने का प्रस्ताव है। समिति की बैठक दोपहर 3:30 बजे शुरू हुई और शाम 4:15 बजे समाप्त हुई।

36 महीने की अवधि, हर महीने ब्याज भुगतान

इन NCD की अवधि 36 महीने होगी और कूपन दर 9.25% सालाना तय की गई है। ब्याज का भुगतान मासिक आधार पर होगा, जबकि मूलधन का भुगतान एकमुश्त यानी बुलेट आधार पर किया जाएगा। फाइलिंग में आवंटन और परिपक्वता की निर्धारित तारीखें भी दी गई हैं:

  • मानी गई आवंटन तिथि: 14 अक्टूबर 2026।
  • मानी गई परिपक्वता तिथि: 14 अक्टूबर 2029।
  • ब्याज भुगतान की आवृत्ति: हर महीने।

सुरक्षा के तौर पर कंपनी की मानक ऋण प्राप्तियों और चालू परिसंपत्तियों पर डिबेंचर ट्रस्टी के पक्ष में मौजूदा सुरक्षित लेनदारों के साथ समान प्राथमिकता वाला अधिकार रहेगा। इसमें वर्तमान और भविष्य की परिसंपत्तियां शामिल होंगी। बकाया डिबेंचर राशि के मुकाबले कम से कम 1.1 गुना परिसंपत्ति कवरेज रखना होगा और यह अनुपात डिबेंचर के मोचन तक हर समय बनाए रखना होगा।

रेटिंग में बदलाव और भुगतान चूक की शर्तें

फाइलिंग में डिबेंचर की मौजूदा रेटिंग AA- बताई गई है। अवधि के दौरान रेटिंग में प्रत्येक पायदान की गिरावट पर कूपन में 25 आधार अंक तक बढ़ोतरी का प्रावधान है। गिरावट के बाद रेटिंग सुधरने पर प्रत्येक पायदान के सुधार के लिए कूपन 25 आधार अंक घटेगा, जब तक रेटिंग वापस AA- पर नहीं पहुंच जाती। हालांकि, कूपन किसी भी स्थिति में शुरुआती दर से नीचे नहीं जाएगा।

निर्धारित तारीख पर ब्याज या मूलधन का भुगतान नहीं होने पर चूक की अवधि के लिए कूपन दर के अतिरिक्त 2% सालाना डिफॉल्ट ब्याज लागू होगा। डिबेंचर का मोचन पक्षों के बीच परस्पर सहमत शर्तों के अनुसार किया जाएगा।