MRF की कर मांग ₹91.53 करोड़ से घटकर ₹36.19 करोड़, आदेश की समीक्षा जारी
MRF के वित्त वर्ष 2014-15 के CST मामले में कर मांग ₹91.53 करोड़ से घटकर ₹36.19 करोड़ हुई। कंपनी आदेश की समीक्षा कर शेष मांग को चुनौती देने पर निर्णय लेगी।

MRF की कर मांग वित्त वर्ष 2014-15 के केंद्रीय बिक्री कर (CST) आकलन मामले में ₹91.53 करोड़ से घटकर ₹36.19 करोड़ रह गई है। कंपनी ने 7 अक्टूबर 2026 को BSE में दाखिल सूचना में बताया कि केरल के पाला स्थित राज्य कर उपायुक्त ने उसके संशोधन आवेदन पर आदेश पारित किया है। MRF इस आदेश की जांच कर रही है और मांग को चुनौती देने के संबंध में उचित निर्णय लेगी।
यह मामला निर्यात संबंधी क्लीयरेंस और बिक्री कर के घोषणा प्रपत्रों से जुड़ा है। कंपनी ने इसे पहले जारी महत्वपूर्ण लंबित मुकदमों के खुलासे में शामिल किया था। नया आदेश उसी कर विवाद में कुल मांग को कम करता है। हालांकि, आदेश के बाद भी ₹36.19 करोड़ की मांग बनी हुई है; दाखिल सूचना में पूरे मामले के समाप्त होने की बात नहीं कही गई है।
संशोधन आवेदन पर आया आदेश
MRF ने इस मामले में 29 अप्रैल 2021 को संशोधन आवेदन दायर किया था। पाला के राज्य कर उपायुक्त ने उस आवेदन पर 30 सितंबर 2026 को आदेश पारित किया। कंपनी के अनुसार, उसे यह आदेश 6 अक्टूबर 2026 को प्राप्त हुआ और उसने अगले दिन शेयर बाजारों को इसकी जानकारी दी।
कंपनी ने अपने पत्र में 14 अगस्त 2023 के पुराने खुलासे का भी संदर्भ दिया है। उस खुलासे में मामला वाणिज्यिक कर उपायुक्त, कोट्टायम के समक्ष लंबित बताया गया था। संबंधित कर आकलन वित्त वर्ष 2014-15 का है और उस समय मामले में शामिल राशि ₹91.53 करोड़ थी। अब संशोधन आदेश के आधार पर कंपनी ने कुल मांग की बदली हुई स्थिति बताई है।
चुनौती देने पर निर्णय बाकी
MRF ने स्पष्ट किया है कि वह आदेश की समीक्षा कर रही है। इसलिए मांग को चुनौती देने के बारे में उसका अगला कदम अभी निर्णय के स्तर पर है। इस सूचना में किसी नई अपील के दाखिल होने या उसके लिए समयसीमा की घोषणा नहीं की गई है।
कंपनी ने यह जानकारी SEBI के सूचीबद्धता दायित्व और प्रकटीकरण आवश्यकताएं विनियम, 2015 के विनियम 30 के तहत BSE और National Stock Exchange of India को भेजी है। खुलासे का केंद्र पुराने CST आकलन में मांग का संशोधन और आदेश पर कंपनी की प्रस्तावित समीक्षा है।
