Manipal Payment and Identity Solutions Ltd ने 3 अक्टूबर 2026 को BSE में दाखिल निवेशक प्रस्तुति में जून 2026 को समाप्त तिमाही के वित्तीय आंकड़े साझा किए। MPi Q1 FY27 नतीजे के अनुसार, कंपनी का समेकित शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 129% बढ़कर ₹77.7 करोड़ रहा। परिचालन राजस्व 48% बढ़कर ₹419 करोड़ पहुंचा। दाखिल प्रस्तुति पर 5 अक्टूबर 2026 की तारीख अंकित है।

अन्य आय को छोड़कर EBITDA 44% बढ़कर ₹124 करोड़ रहा। हालांकि, EBITDA मार्जिन 29.6% रहा, जो एक साल पहले के 30.4% से 80 आधार अंक कम है। कंपनी के मुताबिक, प्रतिकूल विदेशी मुद्रा चाल और ऊंची कच्चे माल की कीमतों के बीच परिचालन स्तर पर बढ़े पैमाने ने मार्जिन को सहारा दिया।

पिछली तिमाही के मुकाबले राजस्व 23%, EBITDA 31% और मुनाफा 37% बढ़ा। प्रति शेयर डाइल्यूटेड आय ₹1.57 से बढ़कर ₹3.39 रही। कुल आय पर मुनाफे का मार्जिन 11.6% से बढ़कर 18.3% हुआ।

अंतरराष्ट्रीय कारोबार का राजस्व ₹64.2 करोड़

अंतरराष्ट्रीय कारोबार से राजस्व एक साल पहले के ₹11 करोड़ से बढ़कर ₹64.2 करोड़ रहा, यानी लगभग 5.8 गुना। कुल परिचालन राजस्व में इसकी हिस्सेदारी 3.9% से बढ़कर 15.3% हो गई। कंपनी ने बताया कि नाइजीरिया में उसका पर्सनलाइजेशन ब्यूरो परिचालन में है और पूरी तरह प्रमाणित है। वहां कार्ड पर्सनलाइज करके बैंकों को दिए जा रहे हैं।

प्रबंधन के कारोबारी वर्गीकरण के अनुसार, दोनों श्रेणियों का प्रदर्शन इस प्रकार रहा:

  • कोर कारोबार का राजस्व 22% बढ़कर ₹262 करोड़ रहा और कुल राजस्व में इसका हिस्सा 63% था। घरेलू कार्ड वॉल्यूम तथा सुरक्षित लॉजिस्टिक्स ने वृद्धि में योगदान दिया।
  • उभरते कारोबार का राजस्व 2.3 गुना होकर ₹157 करोड़ पहुंचा। कुल राजस्व में इसकी हिस्सेदारी 24% से बढ़कर 37% रही। इसमें निर्यात, IoT और मेटल कार्ड कारोबार शामिल हैं।

नए कारोबार पर खर्च के बीच बढ़ा मुनाफा

कंपनी ने मुनाफे में वृद्धि का कारण परिचालन दक्षता और कम वित्तीय लागत को बताया। तिमाही के दौरान नई पहलों की शुरुआत और विकास पर लगभग ₹7.7 करोड़ खर्च भी वहन किया गया। मेटल कार्ड पोर्टफोलियो में 10 से अधिक वैरिएंट हैं, जबकि स्मार्ट टैगिंग और IoT कारोबार में नए बहुवर्षीय अनुबंध मिले हैं।

Q1 FY27 के वित्तीय परिणामों की वैधानिक लेखापरीक्षकों ने सीमित समीक्षा की है। परिचालन EBITDA और उसका मार्जिन गैर-GAAP मापदंड हैं। कोर तथा उभरते कारोबार का विभाजन प्रबंधन का वर्गीकरण है; ये Ind AS के तहत परिभाषित मापदंड नहीं हैं।