MBL Infrastructure ने 6 अक्टूबर 2026 को BSE में दी गई जानकारी में बताया कि देहरादून की वाणिज्यिक अदालत ने उत्तराखंड सरकार के लोक निर्माण विभाग (PWD) को मध्यस्थता अवॉर्ड की ₹81.14 करोड़ राशि जमा करने का निर्देश दिया है। अदालत का यह आदेश 5 अक्टूबर 2026 का है। कंपनी ने एक्सचेंजों को भेजी विज्ञप्ति में अवॉर्ड और उस पर जारी ब्याज की स्थिति बताई है।

यह मामला उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले में सड़कों के सुधार और सुदृढ़ीकरण की परियोजना से जुड़ा है। संबंधित परियोजना का पैकेज नंबर C-2 है। कंपनी के अनुसार, इस परियोजना के लिए मध्यस्थता अवॉर्ड 14 दिसंबर 2024 को दिया गया था। अब वाणिज्यिक अदालत ने उसी अवॉर्ड की राशि जमा करने का आदेश पारित किया है।

भुगतान तक 12% सालाना ब्याज जारी

विज्ञप्ति के मुताबिक, कंपनी को भुगतान की तारीख तक 12% सालाना की दर से अतिरिक्त ब्याज जारी है। इस तरह कंपनी ने अदालत के निर्देश के साथ भुगतान होने तक लागू ब्याज की शर्त भी स्पष्ट की है। हालांकि, विज्ञप्ति में आगे के ब्याज की अलग से गणना या उसकी कुल राशि नहीं दी गई है।

फाइलिंग में दी गई जानकारी राशि जमा करने के अदालती निर्देश से संबंधित है। इसमें कंपनी को ₹81.14 करोड़ प्राप्त हो जाने की पुष्टि नहीं की गई है। राशि जमा करने की अंतिम तारीख या कंपनी को वास्तविक भुगतान की तारीख का भी उल्लेख नहीं है। इसलिए आदेश और भुगतान की स्थिति को अलग-अलग समझना जरूरी है।

कंपनी ने यह जानकारी BSE और National Stock Exchange of India को भेजी है। BSE पर इसका सिक्रिप कोड 533152 और NSE पर शेयर का प्रतीक MBLINFRA है।

कंपनी का कारोबारी दायरा

MBL Infrastructure की स्थापना 1995 में हुई थी और यह 2010 से सूचीबद्ध है। कंपनी सड़क एवं राजमार्ग निर्माण, BOT तथा संचालन और रखरखाव (O&M) का काम करती है। इसके अलावा भवन, आवास, शहरी बुनियादी ढांचे, रेलवे और मेट्रो सहित अन्य आधारभूत संरचना परियोजनाओं में भी सक्रिय है।

विज्ञप्ति के अनुसार, कंपनी ने देशभर में परियोजनाएं निष्पादित की हैं। इसके अपने खनन, कंक्रीट, बिटुमेन, निर्माण सामग्री और टोलिंग प्रभाग हैं। कंपनी का पंजीकृत एवं कॉरपोरेट कार्यालय नई दिल्ली के जसोला में स्थित है।