LCC Projects Q1 FY27 में समेकित शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 15.5% घटकर ₹65.8 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹77.9 करोड़ था। कंपनी ने 5 अक्टूबर, 2026 को BSE में दाखिल निवेशक प्रस्तुति में 30 जून, 2026 को समाप्त तिमाही के ये आंकड़े दिए। परिचालन राजस्व 15.1% घटकर ₹802.6 करोड़ रह गया।

प्रस्तुति बिना ऑडिट वाले स्टैंडअलोन और समेकित परिणामों से संबंधित है। नीचे दी गई वित्तीय तुलना केवल समेकित आंकड़ों पर आधारित है; इसमें स्टैंडअलोन आंकड़े शामिल नहीं हैं। कुल आय और कर-पूर्व लाभ भी पिछले वर्ष की समान अवधि से कम रहे।

मद Q1 FY27 Q1 FY26 सालाना बदलाव
परिचालन राजस्व ₹802.6 करोड़ ₹945.5 करोड़ 15.1% गिरावट
कुल आय ₹810.4 करोड़ ₹949.0 करोड़ 14.6% गिरावट
कर-पूर्व लाभ ₹91.8 करोड़ ₹103.5 करोड़ 11.3% गिरावट
कर-पश्चात शुद्ध लाभ ₹65.8 करोड़ ₹77.9 करोड़ 15.5% गिरावट
बेसिक और डाइल्यूटेड EPS ₹2.3 ₹2.8 17.9% गिरावट

सालाना बदलाव प्रस्तुत आंकड़ों से गणना करके एक दशमलव तक दिए गए हैं।

राजस्व घटा, लेकिन EBITDA मार्जिन सुधरा

अन्य आय को छोड़कर EBITDA ₹127.7 करोड़ से घटकर ₹119.5 करोड़ रहा। हालांकि, EBITDA मार्जिन 13.5% से बढ़कर 14.9% हो गया। शुद्ध लाभ मार्जिन 8.2% से घटकर 8.1% रहा। वित्त लागत ₹19.6 करोड़ से बढ़कर ₹24.5 करोड़ पहुंची, जबकि कर्मचारी खर्च ₹29 करोड़ से बढ़कर ₹34.3 करोड़ रहा।

कंपनी के अनुसार, वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों से आपूर्ति शृंखला बाधित हुई और वाणिज्यिक ईंधन की उपलब्धता में कमी ने तिमाही के दौरान परियोजनाओं के काम को प्रभावित किया। राज्य चुनावों से जुड़ी अस्थायी श्रमिक कमी का भी असर पड़ा। कंपनी ने कहा कि अब स्थिति सामान्य हो गई है, कार्यस्थलों पर श्रमिकों की संख्या बढ़ रही है और सामग्री की उपलब्धता सुधरी है।

ऑर्डर बुक और नई परियोजनाओं की स्थिति

30 जून, 2026 को कंपनी की ऑर्डर बुक ₹8,387.8 करोड़ रही, जो 31 मार्च, 2026 को ₹7,953.2 करोड़ थी। जून अंत की ऑर्डर बुक में 100 से अधिक परियोजनाएं शामिल थीं।

  • प्रस्तुति में FY27 की अब तक की ऑर्डर बुकिंग ₹2,229.1 करोड़ बताई गई।
  • इसमें Q1 FY27 के ₹1,172.4 करोड़ और Q2 FY27 के ₹1,056.7 करोड़ के ऑर्डर शामिल हैं।
  • कंपनी ने ₹1,767.3 करोड़ की परियोजनाओं में L1 स्थिति बताई है; यह राशि प्राप्त ऑर्डरों से अलग है।

गुजरात की EPC कंपनी मुख्य रूप से सिंचाई और जलापूर्ति परियोजनाएं करती है। प्रस्तुति के अनुसार, उसने 80 परियोजनाएं पूरी की हैं और 12 राज्यों में उसकी मौजूदगी है। कंपनी ने बिहार और गोवा में विस्तार तथा नवीकरणीय ऊर्जा, अपशिष्ट जल प्रबंधन और अन्य EPC क्षेत्रों में काम बढ़ाने की योजना बताई है।