IIFL Finance NCD: ₹46.50 करोड़ का आवंटन, NIFTY 50 से जुड़ा ब्याज
IIFL Finance ने ₹46.50 करोड़ के बाजार से जुड़े NCD का आवंटन मंजूर किया। ब्याज NIFTY 50 के प्रदर्शन पर निर्भर होगा और मूलधन का भुगतान 8 अप्रैल 2030 को होगा।

IIFL Finance NCD आवंटन: कंपनी ने 5 अक्टूबर 2026 की BSE फाइलिंग में बताया कि उसके निदेशक मंडल की वित्त समिति ने निजी नियोजन के आधार पर ₹46.50 करोड़ के गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर (NCD) का आवंटन मंजूर किया है। समिति ने उसी दिन पारित प्रस्ताव के जरिए Series MLD 1 के तहत यह मंजूरी दी।
आवंटन में 4,650 NCD शामिल हैं, जिनमें प्रत्येक का अंकित मूल्य ₹1 लाख है। कंपनी ने इन्हें सुरक्षित, रेटेड और बाजार से जुड़े डिबेंचर बताया है। इनका आवंटन डीमैट स्वरूप में किया गया है और इन्हें National Stock Exchange of India Limited पर सूचीबद्ध करने का प्रस्ताव है।
कंपनी ने यह सूचना SEBI के सूचीबद्धता संबंधी नियमों के विनियम 30 और 51 के तहत शेयर बाजारों को दी। फाइलिंग में आवंटन के साथ ब्याज, परिपक्वता, पुनर्भुगतान और सुरक्षा की शर्तें भी बताई गई हैं।
NIFTY 50 से तय होगा ब्याज, 2030 में भुगतान
इन डिबेंचर का कूपन या ब्याज NIFTY 50 Index के प्रदर्शन से जुड़ा है। फाइलिंग में कोई निश्चित कूपन दर नहीं दी गई है। शर्तों के अनुसार, ब्याज यदि देय हुआ तो उसका भुगतान परिपक्वता पर किया जाएगा। मूलधन के भुगतान की तारीख भी वही है।
- आवंटन की तारीख: 5 अक्टूबर 2026।
- अवधि: मानी गई आवंटन तिथि से 1,281 दिन।
- परिपक्वता और मूलधन भुगतान: 8 अप्रैल 2030।
- परिपक्वता पर प्रति डिबेंचर मोचन राशि: ₹1 लाख।
इस तरह भुगतान की शर्तें ब्याज को सूचकांक के प्रदर्शन से जोड़ती हैं, जबकि प्रति डिबेंचर मूलधन की मोचन राशि अलग से निर्धारित है।
सुरक्षा कवर और भुगतान में देरी की शर्त
NCD के लिए कंपनी की वर्तमान और भविष्य की प्राप्तियों, बही ऋणों, ऋण एवं अग्रिमों और चालू परिसंपत्तियों पर हाइपोथिकेशन के जरिए प्रथम श्रेणी का समान प्राथमिकता वाला चार्ज रखा गया है। इसमें वे परिसंपत्तियां अपवाद हैं, जिन पर पहले से मौजूदा चार्जधारकों का चार्ज है और जिनका विवरण डिबेंचर ट्रस्टी को दिया गया है।
शर्तों के मुताबिक, पूरी अवधि के दौरान डिबेंचर की बकाया राशि के मुकाबले कम से कम 100% सुरक्षा कवर बनाए रखना होगा।
ब्याज, कूपन अथवा मूलधन के भुगतान में चूक या देरी होने पर कंपनी को चूक की अवधि के लिए कूपन दर के ऊपर 2% सालाना अतिरिक्त ब्याज देना होगा। यह भुगतान संबंधी शर्त है; फाइलिंग किसी वास्तविक चूक की सूचना नहीं देती। डिबेंचर के साथ कोई विशेष अधिकार या विशेषाधिकार लागू नहीं बताया गया है।
