Himalaya Nutravedics India: Himalaya Nutravedics FY26: मुनाफा 231.1% बढ़ा, परिचालन आय दोगुनी
Himalaya Nutravedics का FY26 मुनाफा 739 लाख रुपये रहा और अपने ब्रांडों की राजस्व हिस्सेदारी 51.1% हुई। हालांकि, परिचालन नकदी प्रवाह और अधिक नकारात्मक रहा।

Himalaya Nutravedics FY26 के नतीजों में शुद्ध मुनाफा 231.1% बढ़कर 739.0 लाख रुपये रहा। Himalaya Nutravedics India Ltd ने 3 अक्टूबर 2026 को BSE में दाखिल निवेशक प्रस्तुति में यह जानकारी दी। कंपनी की परिचालन आय 105.1% बढ़कर 4,306.8 लाख रुपये हुई, जो FY25 में 2,099.7 लाख रुपये थी। कंपनी का BSE कोड 544943 है।
आयुर्वेदिक और न्यूट्रास्यूटिकल उत्पाद बनाने वाली कंपनी का EBITDA 171.0% बढ़कर 810.3 लाख रुपये पहुंचा। EBITDA मार्जिन 18.8% रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 14.2% था। शुद्ध मुनाफा मार्जिन भी 10.6% से बढ़कर 17.2% हो गया।
| वित्तीय आंकड़ा | FY25 | FY26 |
|---|---|---|
| परिचालन आय | 2,099.7 लाख रुपये | 4,306.8 लाख रुपये |
| EBITDA | 299.0 लाख रुपये | 810.3 लाख रुपये |
| शुद्ध मुनाफा | 223.2 लाख रुपये | 739.0 लाख रुपये |
मुनाफे के साथ नकदी प्रवाह की तस्वीर
बढ़ते मुनाफे के बावजूद परिचालन नकदी प्रवाह ऋणात्मक 383.4 लाख रुपये रहा। FY25 में यह ऋणात्मक 139.1 लाख रुपये था। देनदारों से वसूली की अवधि आठ दिन घटकर 90 दिन रही। कंपनी ने FY26 के लिए ऋण-इक्विटी अनुपात 0.3 गुना और चालू अनुपात 2.8 गुना बताया।
कारोबार के मिश्रण में अपने ब्रांडों का योगदान बढ़ा। कुल राजस्व में अपने ब्रांडों की हिस्सेदारी 51.1% रही, जबकि FY25 में यह 19.7% थी। तीसरे पक्ष के लिए विनिर्माण की हिस्सेदारी 48.9% रही। आयुर्वेदिक उत्पादों ने कुल राजस्व का 94.6% और न्यूट्रास्यूटिकल उत्पादों ने 5.4% योगदान दिया।
केरल कंपनी का सबसे बड़ा बाजार रहा, जिसकी राजस्व हिस्सेदारी 49.3% थी। गुजरात का योगदान 13.2% और उत्तर प्रदेश का 11.7% रहा। कंपनी ने अपना वितरण विस्तार 16 राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश तक बताया है।
डिजिटल बिक्री और ब्रांड विस्तार की योजना
कंपनी ने शुद्ध प्राप्तियों में से 750 लाख रुपये ब्रांडिंग, प्रदर्शन-आधारित मार्केटिंग और ग्राहक जोड़ने के अभियानों पर लगाने का प्रस्ताव रखा है। प्रस्तुति के अनुसार, अगली योजनाओं में शामिल हैं:
- अपना D2C प्लेटफॉर्म विकसित करना और Amazon, Flipkart, Blinkit तथा Zepto पर मौजूदगी बढ़ाना।
- दर्द प्रबंधन, पाचन स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य और न्यूरोलॉजिकल सपोर्ट श्रेणियों में अपने ब्रांडों के नए उत्पाद जोड़ना।
- टियर-2 और टियर-3 बाजारों में वितरण बढ़ाना तथा निर्यात अनुपालन और उत्पाद पंजीकरण की तैयारी मजबूत करना।
हैदराबाद के चेरलापल्ली संयंत्र में FY26 के दौरान मेडिकेटेड ऑयल की क्षमता उपयोग दर 90.2% और सॉफ्टजेल कैप्सूल की 63.7% रही। ये दरें प्रतिदिन आठ घंटे की एक पाली पर आधारित हैं; संयंत्र तीन पालियों तक चल सकता है।
