H.G. Infra Engineering Ltd ने 6 अक्टूबर 2026 को BSE में दाखिल सूचना में बताया कि कंपनी के खिलाफ ₹94 करोड़ की पूरी कर मांग खारिज कर दी गई है। बेंगलुरु, कर्नाटक के वाणिज्यिक कर उपायुक्त ने 5 अक्टूबर 2026 को आदेश पारित कर संबंधित कारण बताओ नोटिस की कार्यवाही बंद कर दी।

कंपनी के मुताबिक, इस आदेश के बाद मामले में टैक्स, ब्याज और जुर्माने की मांग शून्य है। दाखिल सूचना में स्पष्ट किया गया है कि मांग का कोई हिस्सा बरकरार नहीं रखा गया है; पूरी मांग समाप्त की गई है। यह सूचना उसी कारण बताओ नोटिस से जुड़ी है, जिसके बारे में कंपनी ने पहले शेयर बाजारों को जानकारी दी थी।

विस्तृत जवाब के बाद आया आदेश

H.G. Infra ने इस मामले में अपने 16 सितंबर 2026 के पूर्व खुलासे का संदर्भ दिया है। उस खुलासे में बेंगलुरु के वाणिज्यिक कर उपायुक्त की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस की जानकारी दी गई थी। ताजा दाखिले के अनुसार, कंपनी ने नोटिस का विस्तृत जवाब प्रस्तुत किया था।

कंपनी ने बताया कि मामले के गुण-दोष के आधार पर अधिकारी ने पूरी मांग खारिज करने का आदेश दिया। आदेश की तारीख 5 अक्टूबर 2026 है, जबकि कंपनी ने इसकी सूचना अगले दिन, 6 अक्टूबर को एक्सचेंजों को दी। इस तरह ताजा खुलासे में नोटिस पर जवाब देने के बाद हुए निर्णय और कार्यवाही के समापन की जानकारी सामने आई है।

टैक्स, ब्याज और जुर्माना—तीनों में शून्य मांग

दाखिले में आदेश का नतीजा टैक्स, ब्याज और जुर्माने की शून्य मांग के रूप में दर्ज है। इसलिए ₹94 करोड़ की मांग खारिज होने की सूचना के साथ इन तीनों मदों की स्थिति भी स्पष्ट की गई है। कंपनी ने संबंधित कारण बताओ नोटिस की कार्यवाही बंद होने की पुष्टि की है।

यह जानकारी SEBI के सूचीबद्धता दायित्व और प्रकटीकरण आवश्यकताएं विनियम, 2015 के विनियम 30 और 51 के तहत BSE तथा NSE को भेजी गई। कंपनी का BSE इक्विटी कोड 541019 और NSE प्रतीक HGINFRA है। दाखिले पर कंपनी सचिव एवं अनुपालन अधिकारी Ankita Mehra के हस्ताक्षर हैं।