GTN Industries का अनुपालन प्रमाणपत्र BSE में दाखिल, सितंबर तिमाही का ब्योरा
GTN Industries ने सितंबर 2026 को समाप्त अवधि का अनुपालन प्रमाणपत्र BSE में दाखिल किया। इसमें डीमैट से जुड़े प्रमाणपत्रों के सत्यापन और रद्द करने की पुष्टि है।

GTN Industries का अनुपालन प्रमाणपत्र 3 अक्टूबर 2026 को BSE में दाखिल हुआ। कंपनी ने SEBI (Depositories and Participants) Regulations, 2018 के विनियम 74(5) के तहत 30 सितंबर 2026 को समाप्त अवधि के लिए यह दस्तावेज प्रस्तुत किया। इसमें प्रतिभूतियों के डीमैट और रीमैट से संबंधित विवरण सूचीबद्धता वाले शेयर बाजारों को भेजे जाने की पुष्टि की गई है।
BSE पर कंपनी का स्क्रिप कोड 500170 है। कंपनी के पत्र में संबंधित अवधि को छमाही/तिमाही के रूप में दर्ज किया गया है, जबकि संलग्न रजिस्ट्रार प्रमाणपत्र सितंबर में समाप्त तिमाही से संबंधित है। कंपनी ने बताया कि उसके रजिस्ट्रार एवं शेयर ट्रांसफर एजेंट Integrated Registry Management Services Pvt. Ltd. ने जरूरी विवरण उन सभी स्टॉक एक्सचेंजों को उपलब्ध कराए हैं, जहां कंपनी के शेयर सूचीबद्ध हैं।
प्रमाणपत्रों के सत्यापन और रिकॉर्ड में बदलाव की पुष्टि
कंपनी ने अपने पत्र में प्रतिभूतियों की सूचीबद्धता और भौतिक प्रमाणपत्रों पर की गई कार्रवाई के बारे में दो पुष्टियां दी हैं:
- संबंधित प्रमाणपत्रों में शामिल प्रतिभूतियां उन्हीं स्टॉक एक्सचेंजों पर सूचीबद्ध हैं, जहां पहले जारी प्रतिभूतियां सूचीबद्ध थीं।
- उचित सत्यापन के बाद प्रमाणपत्रों को काटकर निरस्त किया गया और कंपनी के रिकॉर्ड में पंजीकृत स्वामी के तौर पर डिपॉजिटरी का नाम दर्ज किया गया।
इस रिकॉर्ड परिवर्तन के लिए कंपनी के पत्र में प्रमाणपत्र प्राप्त होने से 30 दिनों के भीतर कार्रवाई की बात कही गई है। पत्र पर कंपनी सचिव P. Prabhakara Rao के हस्ताक्षर हैं। इसकी प्रतियां National Securities Depository Limited, Central Depository Services (India) Ltd और रजिस्ट्रार को भी संबोधित की गई हैं।
रजिस्ट्रार के संलग्न पत्र में क्या दर्ज है
Integrated Registry Management Services Private Limited का संलग्न पुष्टि पत्र 1 अक्टूबर 2026 का है। इसमें रजिस्ट्रार ने बताया कि सितंबर तिमाही में डिपॉजिटरी प्रतिभागियों से डीमैट के लिए मिली प्रतिभूतियों की स्वीकृति या अस्वीकृति की सूचना डिपॉजिटरी और संबंधित स्टॉक एक्सचेंजों को दी गई।
रजिस्ट्रार ने प्रमाणपत्रों को सत्यापन के बाद निरस्त करने और सदस्य रजिस्टर में डिपॉजिटरी को पंजीकृत स्वामी दर्ज करने की भी पुष्टि की। उसके पत्र में इस प्रक्रिया के लिए 15 दिनों के भीतर की अवधि दर्ज है। इस तरह कंपनी के मुख्य पत्र और रजिस्ट्रार के संलग्न प्रमाणपत्र में कार्रवाई की समयसीमा अलग-अलग लिखी गई है।
