DLF प्रमोटर समूह की इकाई Madhukar Housing and Development Company ने पब्लिक श्रेणी में पुनर्वर्गीकरण का अनुरोध किया है। DLF Ltd ने 7 अक्टूबर 2026 को BSE को दी गई फाइलिंग में इसकी जानकारी दी। कंपनी के अनुसार, अनुरोध करने वाली इकाई के पास DLF के कोई इक्विटी शेयर या वोटिंग अधिकार नहीं हैं।

Madhukar फिलहाल कंपनी की ‘Promoter and Promoter Group’ श्रेणी में शामिल है। उसने 7 अक्टूबर 2026 के पत्र के जरिए अपनी श्रेणी बदलने का अनुरोध भेजा है। DLF ने बताया कि उसे यह सूचना उसी दिन शाम 4:43 बजे भारतीय मानक समय के अनुसार प्राप्त हुई।

इस अनुरोध का विषय Madhukar की श्रेणी को प्रमोटर समूह से बदलकर ‘Public’ करना है। फाइलिंग में इसे प्रस्तावित पुनर्वर्गीकरण बताया गया है, जिस पर कंपनी के निदेशक मंडल को अभी विचार करना है।

बोर्ड करेगा अनुरोध पर विचार

DLF ने कहा कि उसका निदेशक मंडल इस अनुरोध पर SEBI Listing Regulations के Regulation 31A की आवश्यकताओं के अनुपालन में विचार करेगा। कंपनी ने BSE और National Stock Exchange of India को संबोधित पत्र में यह प्रक्रिया बताई है।

इस खुलासे में अनुरोध प्राप्त होने की सूचना दी गई है; इसमें बोर्ड की मंजूरी मिलने की बात नहीं कही गई है। इसलिए Madhukar को पब्लिक श्रेणी में शामिल करने का बदलाव फिलहाल प्रस्ताव के स्तर पर है। फाइलिंग में बोर्ड द्वारा इस पर विचार किए जाने की कोई तारीख नहीं बताई गई है।

शेयरधारिता संरचना पर असर नहीं

DLF ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित पुनर्वर्गीकरण को मंजूरी मिलने पर भी कंपनी की शेयरधारिता संरचना में कोई बदलाव नहीं होगा। इसमें पब्लिक शेयरधारिता भी शामिल है। प्रमोटर और प्रमोटर समूह के पास कुल 1,83,36,36,385 इक्विटी शेयर बने रहेंगे, जो कंपनी की कुल चुकता शेयर पूंजी के 74.08% के बराबर हैं।

इस तरह, प्रस्ताव में एक इकाई की वर्गीकरण श्रेणी बदलने की मांग है, जबकि कंपनी ने प्रमोटर समूह की कुल शेयर संख्या और प्रतिशत हिस्सेदारी समान रहने की जानकारी दी है। Madhukar की अपनी शेयरधारिता और वोटिंग अधिकार शून्य होने का तथ्य भी इसी खुलासे का हिस्सा है।