Disha Resources हिस्सेदारी: Krishna Awtar Kabra को 3.20 लाख शेयर मिले, हिस्सा 4.49% हुआ
Disha Resources के प्रमोटर Krishna Awtar Kabra को HUF के विघटन पर 3.20 लाख शेयर मिले। उनकी हिस्सेदारी 0.12% से बढ़कर 4.49% हुई; शेयर पूंजी में बदलाव नहीं हुआ।

Disha Resources हिस्सेदारी संबंधी 5 अक्टूबर, 2026 की BSE फाइलिंग के अनुसार, कंपनी के प्रमोटर Krishna Awtar Kabra ने 3,20,000 इक्विटी शेयर हासिल किए हैं। 25 सितंबर, 2026 को हुए इस अधिग्रहण के बाद उनकी हिस्सेदारी 0.12% से बढ़कर 4.49% हो गई। मिले हुए शेयर कंपनी की चुकता शेयर पूंजी के 4.37% के बराबर हैं।
यह अधिग्रहण उनके पिता के Jagannath Rampal Kabra HUF के विघटन पर इंटर-से ट्रांसफर के जरिए हुआ। Kabra ने कंपनी को भेजे पत्र में शेयर मिलने का यही आधार बताया है। फाइलिंग में लेनदेन का तरीका इंटर-से ट्रांसफर दर्ज है; इसे खुले बाजार से शेयर खरीद के रूप में नहीं बताया गया है।
Krishna Awtar Kabra का खुलासा पत्र 28 सितंबर, 2026 का है। उन्होंने इसे SEBI के Substantial Acquisition of Shares and Takeovers Regulations, 2011 के Regulation 29(2) के तहत दिया। BSE पर Disha Resources Ltd का यह खुलासा कंपनी के सिक्योरिटी कोड 531553 के अंतर्गत दर्ज हुआ है।
ट्रांसफर से पहले और बाद की हिस्सेदारी
अधिग्रहण से पहले Kabra के पास कंपनी के 8,690 वोटिंग अधिकार वाले शेयर थे। ट्रांसफर के बाद उनकी कुल शेयर संख्या बढ़कर 3,28,690 हो गई। फाइलिंग में पहले की होल्डिंग, मिले हुए शेयर और अंतिम होल्डिंग का ब्योरा इस प्रकार दिया गया है:
| विवरण | शेयरों की संख्या | शेयर पूंजी में हिस्सा |
|---|---|---|
| अधिग्रहण से पहले | 8,690 | 0.12% |
| इंटर-से ट्रांसफर से मिले शेयर | 3,20,000 | 4.37% |
| अधिग्रहण के बाद | 3,28,690 | 4.49% |
कुल डाइल्यूटेड शेयर अथवा वोटिंग पूंजी के आधार पर भी खुलासे में यही प्रतिशत दिए गए हैं। अधिग्रहण के बाद Kabra की व्यक्तिगत होल्डिंग 4.49% दर्ज है। यह आंकड़ा उनके नाम दर्ज शेयरों का है।
कंपनी की शेयर पूंजी अपरिवर्तित
फाइलिंग के मुताबिक, ट्रांसफर से पहले और बाद में Disha Resources की इक्विटी शेयर पूंजी 7,31,55,000 रुपये रही। इसमें 10 रुपये अंकित मूल्य वाले 73,15,500 इक्विटी शेयर शामिल हैं। अधिग्रहण के बाद कुल डाइल्यूटेड शेयर पूंजी भी इतनी ही बताई गई है।
इस तरह, दिए गए आंकड़ों में Kabra की व्यक्तिगत होल्डिंग बढ़ी है, जबकि कंपनी के कुल इक्विटी शेयरों की संख्या समान रही। अहमदाबाद से जारी अपने पत्र में उन्होंने कंपनी से इस अधिग्रहण को संज्ञान में लेने का अनुरोध किया और उसकी प्रति BSE के लिस्टिंग विभाग को भी संबोधित की।
