Coforge ने 5 अक्टूबर 2026 को BSE में दी गई फाइलिंग में उद्यमों के लिए इंटेंट इंजीनियरिंग फ्रेमवर्क पेश करने की जानकारी दी। Coforge AI एजेंट्स को कारोबारी नतीजों, गवर्नेंस की जरूरतों और परिचालन परिस्थितियों के अनुरूप तैयार करने के लिए यह डिजाइन पद्धति लाई है। इसका उद्देश्य स्वायत्त AI प्रणालियों के काम करने से पहले उनके लक्ष्य और निर्णय लेने की सीमाएं स्पष्ट करना है।

कंपनी के अनुसार, उद्यम अब AI प्रयोगों से आगे बढ़कर एजेंट्स को ग्राहकों से जुड़े कामकाज और परिचालन प्रक्रियाओं में इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में कारोबारी उद्देश्यों से मेल नहीं खाने वाले फैसलों का जोखिम बढ़ता है। फ्रेमवर्क इस बात को परिभाषित करने पर केंद्रित है कि एजेंट किन नतीजों को प्राथमिकता दे और किन परिस्थितियों में मामला आगे भेजे।

एजेंट का उद्देश्य, सीमाएं और जवाबदेही तय करने पर ध्यान

Coforge ने बताया कि प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग AI के जवाबों को प्रभावित करती है, जबकि कॉन्टेक्स्ट इंजीनियरिंग निर्णय की गुणवत्ता सुधारती है। हालांकि, कंपनी के मुताबिक इनमें से कोई भी अपने आप यह सुनिश्चित नहीं करती कि एजेंट उन नतीजों को प्राथमिकता देगा जिन्हें कारोबार महत्व देता है। इंटेंट इंजीनियरिंग फ्रेमवर्क इसी अंतर को दूर करने की कोशिश है।

इसमें एजेंट के डिजाइन के दौरान कई पहलुओं को स्पष्ट करने का संरचित तरीका दिया गया है:

  • एजेंट का उद्देश्य और उसके काम करने की सीमाएं।
  • सफलता मापने के मानदंड और गवर्नेंस नियंत्रण।
  • मामले को उच्च स्तर पर भेजने की प्रक्रिया।
  • गुणवत्ता, जवाबदेही और कारोबारी प्रभाव को प्राथमिकता।

टकराते लक्ष्यों और अपवादों में निर्णय की रूपरेखा

Coforge के कार्यकारी उपाध्यक्ष Vic Gupta ने कहा कि उद्यमों ने AI को क्या कहना चाहिए और क्या जानना चाहिए, यह सिखाने में काफी निवेश किया है। उनके मुताबिक कठिन चुनौती यह तय करना है कि उद्देश्यों में टकराव, जोखिम बढ़ने या अपवाद सामने आने पर एजेंट किस नतीजे को प्राथमिकता दे। इंटेंट इंजीनियरिंग बड़े पैमाने पर स्वायत्त संचालन से पहले इन निर्णयों के लिए गवर्नेंस ढांचा बनाती है।

कंपनी ने बताया कि फ्रेमवर्क ग्राहकों के लिए उद्यम AI कार्यक्रम लागू करने से मिले अनुभवों पर आधारित है। इसमें केवल काम पूरा होने, गति या उत्पादकता के आधार पर प्रदर्शन मापने के बजाय नतीजों पर आधारित डिजाइन पर जोर है। इसकी विस्तृत व्याख्या Coforge ब्लॉग पर उपलब्ध लेख ‘The 3 Layers of Enterprise AI: From Prompts to Context to Intent’ में दी गई है।