Austere Systems SEBI चेतावनी मामले में कंपनी ने 2 अक्टूबर, 2026 की BSE फाइलिंग में बताया कि उसे भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड का चेतावनी-सह-परामर्श पत्र मिला है। 1 अक्टूबर, 2026 को जारी यह पत्र कंपनी को उसी दिन शाम 5:37 बजे ईमेल से प्राप्त हुआ। कंपनी के अनुसार, पत्र के जरिए कोई मौद्रिक जुर्माना नहीं लगाया गया है।

Austere Systems Limited ने यह जानकारी SEBI के सूचीबद्धता दायित्व और प्रकटीकरण आवश्यकताएं यानी LODR विनियम, 2015 के विनियम 30 के तहत दी। BSE पर कंपनी का सिक्योरिटी कोड 544505 है। फाइलिंग में नियामक के पत्र की प्रति और निर्धारित विवरण वाला अनुलग्नक संलग्न करने की जानकारी दी गई है।

किन खुलासा प्रावधानों से जुड़ा है पत्र

कंपनी के अनुलग्नक के मुताबिक, SEBI की सलाह और चेतावनी LODR के विनियम 30(2) और 30(6) से संबंधित है। इनके साथ अनुसूची III के भाग A के पैरा A के मद 20 का भी उल्लेख किया गया है। नियामक ने कंपनी को भविष्य में सावधानी बरतने की सलाह दी है।

फाइलिंग में कार्रवाई की प्रकृति सलाह-सह-चेतावनी पत्र के रूप में बताई गई है। उपलब्ध विवरण संबंधित नियामकीय प्रावधानों की पहचान करता है, लेकिन उस मूल घटना या खुलासे का विस्तृत ब्यौरा नहीं देता जिसके संबंध में यह पत्र जारी हुआ। इसलिए इस जानकारी से किसी विशिष्ट लेनदेन या दूसरे मामले को चेतावनी का कारण नहीं ठहराया जा सकता।

जुर्माने और कारोबारी असर पर कंपनी का पक्ष

वित्तीय तथा परिचालन प्रभाव के बारे में कंपनी ने अनुलग्नक में दो बातें स्पष्ट की हैं:

  • इस चेतावनी पत्र के माध्यम से कोई मौद्रिक जुर्माना नहीं लगाया गया है।
  • कंपनी के वित्तीय, परिचालन या अन्य कार्यों पर कोई भौतिक प्रभाव नहीं है।

यह प्रभाव संबंधी विवरण कंपनी की ओर से BSE को दी गई जानकारी का हिस्सा है। कंपनी ने आगे बताया कि SEBI का पत्र निदेशक मंडल की अगली बैठक में रखा जाएगा। फाइलिंग में उस बैठक की तारीख नहीं बताई गई है। इस खुलासे पर कंपनी सचिव एवं अनुपालन अधिकारी Sneha Goenka ने हस्ताक्षर किए हैं।