Arvind Envisol की क्रेडिट रेटिंग बढ़ी है। Arvind Ltd ने 12 अक्टूबर 2026 की BSE फाइलिंग में बताया कि CARE Ratings ने उसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी की बैंक सुविधाओं की रेटिंग अपग्रेड की है। CARE की रिपोर्ट 9 अक्टूबर 2026 की है, जो कंपनी को 12 अक्टूबर को मिली। लंबी अवधि की रेटिंग पर आउटलुक Stable रखा गया है।

रेटिंग एजेंसी ने FY26 में बेहतर ऑर्डर निष्पादन, परिचालन दक्षता और कारोबार का आकार बढ़ने से आय तथा लाभप्रदता में सुधार को फैसले का आधार बताया। मजबूत ऑर्डर बुक और मूल कंपनी Arvind की वित्तीय स्थिति से मिलने वाला समर्थन भी आकलन में शामिल रहा।

  • ₹135 करोड़ की लंबी और छोटी अवधि की बैंक सुविधाओं की रेटिंग CARE BBB+; Stable / CARE A2 से बढ़ाकर CARE A-; Stable / CARE A2+ की गई। सुविधाओं की राशि पहले ₹137 करोड़ थी।
  • ₹7.50 करोड़ की लंबी अवधि की सुविधाओं को CARE BBB+; Stable से CARE A-; Stable किया गया। राशि पहले ₹10.09 करोड़ थी।
  • ₹1 करोड़ की छोटी अवधि की सुविधाओं की रेटिंग CARE A2 से CARE A2+ हुई।

आय और लाभप्रदता में सुधार

Arvind Envisol की कुल परिचालन आय FY26 में करीब 14% बढ़कर ₹307 करोड़ रही, जबकि FY25 में यह ₹268 करोड़ थी। शुद्ध लाभ ₹12 करोड़ से बढ़कर ₹26 करोड़ हुआ। PBILDT मार्जिन भी 5.53% से सुधरकर 12.86% पहुंचा।

Q1FY27 में परिचालन आय सालाना करीब 35% बढ़कर ₹90 करोड़ रही। इस दौरान PBILDT मार्जिन 7.96% रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 2.29% था।

31 अगस्त 2026 को कंपनी की लंबित ऑर्डर बुक करीब ₹419 करोड़ थी। CARE के मुताबिक, इससे मध्यम अवधि की आय को लेकर स्पष्टता मिलती है। एजेंसी ने नए ऑर्डर और वार्षिक परिचालन एवं रखरखाव अनुबंधों के आधार पर मध्यम अवधि में सालाना परिचालन आय करीब ₹350–450 करोड़ रहने का अनुमान दिया है।

तरलता पर्याप्त, कार्यशील पूंजी की जरूरत बनी हुई

CARE ने कंपनी की तरलता पर्याप्त बताई। 31 मार्च 2026 को नकदी और बैंक शेष ₹41 करोड़ था। सकल परिचालन चक्र FY25 के 116 दिनों से घटकर FY26 में 103 दिन रहा। कंपनी अपशिष्ट जल उपचार संयंत्रों के निर्माण और रखरखाव में सक्रिय है तथा 750 से अधिक परियोजनाएं पूरी कर चुकी है।

हालांकि, एजेंसी ने कार्यशील पूंजी की अधिक जरूरत, कुछ बड़े ऑर्डरों पर निर्भरता और EPC निष्पादन जोखिमों को सीमाएं बताया। निश्चित कीमत वाले अनुबंधों के कारण कच्चे माल की महंगाई लाभप्रदता पर असर डाल सकती है। बिना हेज वाली विदेशी मुद्रा देनदारियों और प्राप्तियों में उतार-चढ़ाव तथा उद्योग में प्रतिस्पर्धा भी जोखिम हैं।