Apollo Finvest की NCD ब्याज दर 9.75% से बढ़कर 10% हो गई है। कंपनी ने 7 अक्टूबर 2026 को BSE में दाखिल सूचना में बताया कि ₹15 करोड़ के अनलिस्टेड नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर की ब्याज दर में संशोधन को मंजूरी मिली है। नई दर 7 अक्टूबर 2026 से प्रभावी है।

कंपनी के अनुसार, यह बदलाव संबंधित डिबेंचर धारकों की सहमति मिलने के बाद किया गया है। ये NCD निजी नियोजन यानी प्राइवेट प्लेसमेंट के आधार पर जारी किए गए थे। ब्याज दर में संशोधन की सूचना इसी जारी निर्गम से संबंधित है।

फाइलिंग में दी गई ₹15 करोड़ की राशि उन डिबेंचर का आकार है, जिन पर संशोधित ब्याज दर लागू होगी। इसे ब्याज भुगतान की राशि के रूप में नहीं बताया गया है। पाठकों के लिए निर्गम के आकार और उस पर लागू ब्याज दर के बीच यह अंतर प्रासंगिक है।

किन डिबेंचर की दर बदली

BSE को दी गई सूचना में कंपनी ने संबंधित NCD की प्रकृति, जारी करने का तरीका और संशोधित दर स्पष्ट की है। ब्याज दर के बदलाव का विवरण इस प्रकार है:

  • संबंधित प्रतिभूतियां अनलिस्टेड नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर हैं।
  • इन्हें प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए जारी किया गया था।
  • इनका निर्गम आकार ₹15 करोड़ है।
  • पहले ब्याज दर 9.75% थी, जिसे बढ़ाकर 10% किया गया है।

इस सूचना में दर संशोधन का आधार डिबेंचर धारकों से मिली सहमति बताया गया है। कंपनी ने ब्याज भुगतान की आवृत्ति, अगली भुगतान तारीख या डिबेंचर की परिपक्वता का विवरण इस पत्र में नहीं दिया है। इसलिए फाइलिंग से इन शर्तों में किसी बदलाव की पुष्टि नहीं होती।

BSE को नियामकीय सूचना

Apollo Finvest India Ltd ने यह जानकारी SEBI के लिस्टिंग दायित्व एवं प्रकटीकरण आवश्यकताओं संबंधी नियमों के Regulation 30 के तहत दी है। BSE पर कंपनी का स्क्रिप कोड 512437 है। एक्सचेंज पर सूचना 7 अक्टूबर 2026 को शाम 5:59 बजे दर्ज हुई।

पत्र पर कंपनी के Managing Director & CEO Mikhil Innani के हस्ताक्षर हैं। मुंबई स्थित पंजीकृत कार्यालय वाली कंपनी ने BSE से ब्याज दर में हुए संशोधन को रिकॉर्ड पर लेने का अनुरोध किया है।