भारतीय रेलवे ने अपनी नई श्रेणी की वातानुकूलित यात्रा के लिए एसी 3-टियर की तुलना में 8% कम शुल्क निर्धारित किया है।लोगों को इस सेवा की ओर आकर्षित करने के लिए एसी 3 इकोनॉमी क्लास का किराया एसी 3 कोच से कम रखा गया है।
 
भारतीय रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "स्लीपर क्लास में यात्रा करने वाले लोगों को एसी कोच का लाभ प्रदान करने के लिए एसी3 इकोनॉमिक क्लास की शुरुआत की जा रही है।"
 
रिपोर्ट्स के मुताबिक 300 किमी तक का बेस फेयर 440 रुपए होगा जो कि दूरी के हिसाब से सबसे कम है, जबकि 4,951 से 5,000 किमी के लिए सबसे ज्यादा बेस फेयर 3,065 रुपए है।
 
रिपोर्ट के मुताबिक एसी3 टायर को छोड़कर बाकी सभी कारों में रेलवे को हर साल 20-25% तक का घाटा उठाना पड़ता है. इसलिए रेलवे एसी3 कोच में धीरे-धीरे सुधार कर और टिकटों की कीमत कम करके इसे लोकप्रिय बनाना चाहता है ताकि स्लीपर क्लास में सफर करने वाले लोग एसी3 इकोनॉमी क्लास में थोड़ा और खर्च कर सकें।
 
मंत्रालय में कार्यकारी निदेशक (आईपी) राजेश दत्त बाजपेयी ने समाचार एजेंसी TOI को बताया "यात्रा की नई श्रेणी प्रीमियम सुविधाओं के साथ सस्ती वातानुकूलित यात्रा के युग की शुरुआत करेगी। इकोनॉमी एसी 3 का किराया मौजूदा एसी 3 टियर क्लास की तुलना में 8% कम है।" उन्होंने यह भी बताया कि उत्पादन में तेजी आने पर इन नए डिब्बों को विभिन्न मेल/एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों में जोड़ा जाएगा।"
 
वैसे तो एसी3 और स्लीपर कोच में 72 बर्थ होती हैं, लेकिन अब एसी3 इकोनॉमिक सिस्टम कैटेगरी में एरिया एडजस्ट कर 83 बर्थ लगा दी गई हैं।