समर्पित खनिज रेल कॉरिडोर की हुई स्थापना
<p> <span [removed] 14.4px;">राष्ट्रीय खनिज नीति, 2019 में अन्य बातों के साथ-साथ यह प्रावधान है कि एक एकीकृत तरीके से स्थानीय निकासी नेटवर्क को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ भीतरी इलाकों में खनन क्षेत्रों से खनिजों के परिवहन की सुविधा के लिए समर्पित खनिज गलियारों की योजना बनाई जाएगी।</span></p>

NEW DELHI-राष्ट्रीय खनिज नीति, 2019 में अन्य बातों के साथ-साथ यह प्रावधान है कि एक एकीकृत तरीके से स्थानीय निकासी नेटवर्क को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ भीतरी इलाकों में खनन क्षेत्रों से खनिजों के परिवहन की सुविधा के लिए समर्पित खनिज गलियारों की योजना बनाई जाएगी।
रेल मंत्रालय ने दो समर्पित फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) के निर्माण को मंजूरी दी है; यानी पूर्वी और पश्चिमी डीएफसी। इसके अलावा, रेल मंत्रालय ने निम्नलिखित तीन नए समर्पित फ्रेट कॉरिडोर के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का निर्णय लिया है :
(i) ईस्ट-कोस्ट कॉरिडोर (खड़गपुर से विजयवाड़ा: 1115 किमी)
(ii) पूर्व-पश्चिम उप-गलियारा
(ए) (पालघर-भुसावल-नागपुर-खड़गपुर-दानकुनी: 2163 किमी और
(बी) राजखरसावां-कालीपहाड़ी-अंडाल: 195 किमी)
(iii) उत्तर-दक्षिण उप-गलियारा (विजयवाड़ा-नागपुर-इटारसी: 975 किमी)
डीएफसी पर अधिकतम गतिमान आयाम अधिक उदार होंगे और भारी और लंबी ट्रेनों को अनुमति देने के लिए विश्व मानकों के बराबर होंगे। डीएफसी के लिए डीपीआर को भीतरी इलाकों से भी खनिजों की निकासी की आवश्यकता को संरेखित करके तैयार किया जाता है।
यह जानकारी केंद्रीय कोयला, खान और संसदीय कार्य मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
