NMDC पेलेट प्लांट छत्तीसगढ़ के नगरनार में चालू हो गया है। NMDC Ltd ने 27 सितंबर 2026 को BSE में दाखिल प्रेस विज्ञप्ति में इसकी जानकारी दी। यह संयंत्र बस्तर में ₹5,427 करोड़ की एकीकृत परियोजना का हिस्सा है, जिसमें लौह अयस्क प्रसंस्करण संयंत्र, स्लरी पाइपलाइन और पेलेट उत्पादन की सुविधाएं शामिल हैं। परियोजना बचेली के लौह अयस्क परिचालन को नगरनार स्थित इस्पात संयंत्र से जोड़ती है।

नगरनार के पेलेट प्लांट की क्षमता 20 लाख टन सालाना यानी 2 MTPA है। नई सुविधाओं के जरिए कंपनी बैलाडीला की खदानों से निकलने वाले लौह अयस्क फाइन्स और स्लाइम्स को पहले कंसंट्रेट में बदलेगी और फिर उससे पेलेट बनाएगी। इससे इन सामग्रियों का अधिक उपयोग हो सकेगा और कंपनी के उत्पाद पोर्टफोलियो में एक नया मूल्यवर्धित उत्पाद जुड़ेगा।

बचेली से नगरनार तक 135 किलोमीटर पाइपलाइन

एकीकृत परियोजना में प्रसंस्करण से लेकर तैयार पेलेट तक की उत्पादन और परिवहन व्यवस्था शामिल है। कंपनी ने इसके तीन प्रमुख हिस्सों की जानकारी दी है:

  • बचेली में नया लौह अयस्क प्रसंस्करण संयंत्र।
  • 15 MTPA क्षमता की स्लरी पाइपलाइन, जो प्रसंस्कृत लौह अयस्क कंसंट्रेट को नगरनार पहुंचाती है।
  • नगरनार में 2 MTPA क्षमता का पेलेट प्लांट, जहां कंसंट्रेट से इस्पात निर्माण के लिए पेलेट तैयार होते हैं।

135 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बस्तर और दंतेवाड़ा जिलों के 61 गांवों से गुजरती है। इसे प्रसंस्कृत अयस्क की सड़क से ढुलाई घटाने, परिवहन का वैकल्पिक साधन उपलब्ध कराने और रेलवे पर निर्भरता कम करने के लिए बनाया गया है। यह बचेली और नगरनार के बीच एक समर्पित परिवहन संपर्क प्रदान करती है।

मुख्यालय से देखी गई पहली उत्पादन प्रक्रिया

पेलेट प्लांट में Straight Grate Induration तकनीक का इस्तेमाल होता है। कंपनी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक Amitava Mukherjee और वरिष्ठ नेतृत्व ने संयंत्र के पहले उत्पादन की प्रक्रिया मुख्यालय से लाइव देखी। प्रतिकूल मौसम के कारण वे परियोजना स्थल तक नहीं पहुंच सके। Mukherjee ने कहा कि प्रसंस्करण सुविधाओं, स्लरी पाइपलाइन और पेलेट प्लांट को शामिल करने वाली इस परियोजना का क्रियान्वयन आसान नहीं था।

कंपनी के अनुसार, इन सुविधाओं के चालू होने से खनन, अयस्क संवर्धन, स्लरी परिवहन और पेलेट उत्पादन तक उसकी उपस्थिति बढ़ी है। यह परियोजना NMDC की विस्तार और विविधीकरण योजना का हिस्सा है। कंपनी दीर्घकाल में अपनी लौह अयस्क उत्पादन क्षमता 10 करोड़ टन तक पहुंचाने की दिशा में काम कर रही है।

Source: BSE corporate announcement.