DCI की बेड़ा विस्तार योजना के तहत Dredging Corporation of India Ltd ने अगले पांच वर्षों में 11 नए ड्रेजर खरीदने का कार्यक्रम शुरू किया है। कंपनी ने 25 सितंबर 2026 की BSE फाइलिंग में करीब ₹3,560 करोड़ के सांकेतिक निवेश की जानकारी दी। यह विवरण 24 सितंबर को हुई 50वीं वार्षिक आम बैठक से संबंधित विज्ञप्ति में दिया गया है। प्रस्तावित निवेश के लिए इक्विटी और कर्ज से धन जुटाने की योजना है।

कंपनी FY 2025-26 में ₹4.75 करोड़ के शुद्ध लाभ के साथ मुनाफे में लौटी, जबकि पिछले वित्त वर्ष में ₹27.46 करोड़ का घाटा हुआ था। परिचालन से राजस्व ₹1,208.33 करोड़ और कुल आय ₹1,214.10 करोड़ रही। परिचालन लाभ मार्जिन 12.33% से बढ़कर 16.84% हो गया।

नए ड्रेजर और वित्त जुटाने की तैयारी

प्रस्तावित बेड़े में बंदरगाहों और अंतर्देशीय जलमार्गों के लिए अलग-अलग प्रकार और क्षमता वाले ड्रेजर शामिल होंगे। कंपनी के अनुसार, कार्यक्रम का उद्देश्य पुराने जहाजों को बदलने के साथ बड़े और तकनीकी रूप से जटिल ड्रेजिंग कार्यों के लिए क्षमता तैयार करना है।

  • 12,000 घन मीटर क्षमता वाला DCI Dredge Godavari, Cochin Shipyard Limited में निर्माणाधीन है। अक्टूबर 2025 में लॉन्च हुए इस जहाज के FY 2026-27 में बेड़े में शामिल होने की उम्मीद है।
  • DCI क्षमता विस्तार और अधिक क्षमता वाले जहाजों की खरीद के लिए लगभग ₹1,000 करोड़ के राइट्स इश्यू पर विचार कर रही है।
  • FY 2025-26 में कंपनी ने Cochin Shipyard Limited को ₹111.48 करोड़ के सुरक्षित, अनरेटेड, गैर-सूचीबद्ध और भुनाए जाने योग्य गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर जारी किए।

जहाजों की उपलब्धता सुधारने और मरम्मत में लगने वाला समय घटाने के लिए कंपनी शिपयार्डों तथा ग्रीनफील्ड बंदरगाहों के साथ ड्राई-डॉकिंग और जहाज मरम्मत सहयोग की संभावनाएं तलाश रही है।

अनुबंधों के अनुरूप क्षमता बढ़ाने पर जोर

DCI ने Mumbai Harbour और JN Port चैनलों के लिए पांच वर्षीय रखरखाव ड्रेजिंग अनुबंध हासिल किया है। कंपनी ग्राहक आवश्यकताओं, अनुबंध अवधि और जहाजों के उपयोग के अनुरूप बेड़ा निवेश करने की बात कहती है। वह 5-10 वर्ष की अवधि वाले ड्रेजिंग अनुबंधों की संभावनाएं भी देख रही है।

India Maritime Week 2025 में कंपनी ने 16 संगठनों के साथ 22 MoU किए थे। इनका कुल सांकेतिक मूल्य लगभग ₹17,645 करोड़ और अवधि दो से पांच वर्ष है। कंपनी ने इन्हें भविष्य के कारोबार विकास और क्षमता नियोजन का आधार बताया है।

इसके अलावा, DCI अंतर्देशीय जलमार्ग, जलाशयों और बांधों से गाद निकालने, समुद्री निर्माण, अपतटीय प्रतिष्ठानों और समुद्र के नीचे केबल बिछाने के लिए खाई खोदने जैसे क्षेत्रों में अवसरों का आकलन कर रही है।

Source: BSE corporate announcement.