केंद्रीय MSME मंत्री श्री नारायण राणे ने सर्विस सेक्टर के लिए SCLCSS योजना का किया शुभारंभ
<p> <span [removed] 14.4px;">योजना सेवा क्षेत्र में उद्यमों की प्रौद्योगिकी संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करेगी और अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति MSME को बिना किसी क्षेत्र विशेष प्रतिबंध के प्रौद्योगिकी पर संस्थागत ऋण के माध्यम से संयंत्र और मशीनरी और सेवा उपकरणों की खरीद के लिए 25% पूंजीगत सब्सिडी का प्रावधान है। </span></p>

NEW DELHI-एमएसएमई नॉर्थ ईस्ट कॉन्क्लेव के दूसरे दिन, केंद्रीय एमएसएमई मंत्री श्री नारायण राणे ने आज गुवाहाटी में एमएसएमई मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में सेवा क्षेत्र के लिए विशेष क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी योजना (एससीएलसीएसएस) का शुभारंभ किया।
यह योजना सेवा क्षेत्र में उद्यमों की प्रौद्योगिकी संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करेगी और अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति MSME को बिना किसी क्षेत्र विशेष प्रतिबंध के प्रौद्योगिकी पर संस्थागत ऋण के माध्यम से संयंत्र और मशीनरी और सेवा उपकरणों की खरीद के लिए 25% पूंजीगत सब्सिडी का प्रावधान है।
श्री राणे ने पूर्वोत्तर क्षेत्र के अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों का भी अभिनंदन किया और युवाओं से नौकरी चाहने वालों के बजाय नौकरी देने वाले बनने के लिए उद्यमिता अपनाने का आग्रह किया।
श्री राणे ने युवाओं को आश्वासन दिया कि सफल उद्यमी बनने की उनकी यात्रा में एमएसएमई मंत्रालय द्वारा कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि MSME क्षेत्र का समावेशी विकास केवल उत्तर-पूर्व के योगदान से ही पूर्ण है।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार की अनुकूल नीतियां और एमएसएमई मंत्रालय द्वारा लागू की गई विभिन्न योजनाएं/कार्यक्रम, विशेष रूप से समाज के हाशिए के वर्गों के लिए, इस क्षेत्र को अपनी पूरी क्षमता का एहसास करने में मदद कर रहे हैं।
श्री राणे ने एनएसआईसी प्रशिक्षण केंद्र, गुवाहाटी के सफल प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए और एमएसएमई मंत्रालय द्वारा समर्थित प्रदर्शनी केंद्र में एससी-एसटी उद्यमियों के स्टालों का दौरा किया।
उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियां एमएसएमई उद्यमियों, विशेष रूप से महिलाओं और एससी/एसटी उद्यमियों को अपने कौशल/उत्पाद दिखाने और विकास के नए अवसर पैदा करने और आत्मनिर्भरता प्राप्त करने का अवसर प्रदान करती हैं।
