IAF के आधुनिकीकरण के लिए रक्षा मंत्रालय ने 2,236 करोड़ के अधिग्रहण को दी मंजूरी
<p> </p> <p> <span [removed]="position: absolute; top: 12px; width: 1px; height: 1px; overflow: hidden; left: -1000px;"> <p> <span [removed] 14.4px;">सॉफ्टवेयर डिफाइंड रेडियो (एसडीआर) के लिए जीसैट -7 सी सैटेलाइट और ग्राउंड हब को शामिल करने से हमारे सशस्त्र बलों की सुरक्षित मोड में सभी परिस्थितियों में एक दूसरे के बीच दृष्टि की रेखा (एलओएस) से परे संचार करने की क्षमता में वृद्धि होगी।</span></p> </body>

NEW DELHI-रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में आयोजित 23 नवंबर 2021 की अपनी बैठक में भारतीय वायु सेना के आधुनिकीकरण और परिचालन जरूरतों के लिए रु. 2,236 करोड़ 'मेक इन इंडिया' की श्रेणी के तहत सॉफ्टवेयर डिफाइंड रेडियो (एसडीआर) की रीयल-टाइम कनेक्टिविटी के लिए जीसैट-7सी सैटेलाइट और ग्राउंड हब के लिए वायुसेना का खरीद प्रस्ताव था।
इस परियोजना में भारत में उपग्रह के पूर्ण डिजाइन, विकास और प्रक्षेपण की परिकल्पना की गई है।
सॉफ्टवेयर डिफाइंड रेडियो (एसडीआर) के लिए जीसैट -7 सी सैटेलाइट और ग्राउंड हब को शामिल करने से हमारे सशस्त्र बलों की सुरक्षित मोड में सभी परिस्थितियों में एक दूसरे के बीच दृष्टि की रेखा (एलओएस) से परे संचार करने की क्षमता में वृद्धि होगी।
