एमसीएल कर सकेगी कोयला उत्पादन लक्ष्य हासिल : अध्यक्ष कोल इंडिया
<p> <span [removed]="" 14.4px;"="">श्री अग्रवाल ने बसुंधरा क्षेत्र के अधीनस्थ आर एंड आर साइट का जायजा लेने के लिए चतनपाली गांव का भी दौरा किया और एमसीएल डीएवी पब्लिक स्कूल के विकास की समीक्षा की।</p>

सम्बलपुर: महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल) ओडिशा में प्रदूषण मुक्त कोयला लोडिंग परिवहन के लिए 3,600 करोड़ रुपये की लागत से फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी (एफएमसी) प्रोजेक्ट का बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रही है जिससे कंपनी की कोयला उत्पादन में वृद्धि होने के साथ साथ आगामी 2024 तक कोल इण्डिया को 01 बिलियन टन कोयला उत्पादन करने में मदद मिलेगी।
कोल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष श्री प्रमोद अग्रवाल ने आज सरडेगा रेलवे साइडिंग में कोयला परिवहन व संचालन की समीक्षा की और सुंदरगढ़ जिला में महालक्ष्मी क्षेत्र के अन्तर्गत 311 करोड़ रुपये की पूंजीगत लागत से वार्षिक 20 मिलियन टन क्षमतावाली कोल हैंडलिंग प्लांट और रैपिड लोडिंग सिस्टम (आरएलएस) की आधारशिला रखी।
इस अवसर पर एमसीएल के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक श्री पी के सिन्हा, निदेशक (तकनीकी / संचालन), श्री ओ पी सिंह, निदेशक (कार्मिक) श्री केशव राव, और निदेशक (तकनीकी / परियोजना और योजना) श्री बबन सिंह, तथा श्रमिक संगठन के प्रतिनिधि और एमसीएल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे ।
कोल इण्डिया के अध्यक्ष श्री अग्रवाल ने बसुंधरा क्षेत्र के अंतर्गत कुलदा खुली खदान और गर्जन बहल खुली खदान परियोजनाओं के खनन कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने फील्ड टीमों के साथ बातचीत की और सीएमडी और निदेशकों की उपस्थिति में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वालों कर्मचारियों को पुरस्कृत भी किया।
श्री अग्रवाल ने बसुंधरा क्षेत्र के अधीनस्थ आर एंड आर साइट का जायजा लेने के लिए चतनपाली गांव का भी दौरा किया और एमसीएल डीएवी पब्लिक स्कूल के विकास की समीक्षा की।
इससे पहले, उन्होंने एमसीएल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की एवं कोविड-19 महामारी के दौरान कोयला उत्पादन और बिजली संयंत्रों को कोयला प्रेषण में एमसीएल की अहम योगदान की भूरी भूरी प्रशंसा की।
