नई दिल्ली: एचपीसीएल के एचपी ग्रीन अनुसंधान एवं विकास केंद्र (एचपीजीआरडीसी), बेंगलुरु ने अपने स्थापना के केवल 5 वर्षों में ही जुलाई 2021 में 100वें पेटेंट की अनुमति प्राप्त की।
 
 
 
 
श्री मुकेश कुमार सुराणा, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एचपीसीएल ने इस महत्वपूर्ण अवसर पर कहा कि, "देश की जरूरतों को पूरा करने के लिए नवीन और पथप्रदर्शक प्रौद्योगिकी और उत्पाद विकसित करने के उद्देश्य से 2016 में एचपीजीआरडीसी की स्थापना की गयी थी। इसके अंतर्गत  15 अनुसंधान प्रयोगशालाएं और सीमावर्ती क्षेत्रों में काम कर रहे 80 से अधिक वैज्ञानिकों की एक समर्पित टीम है। एचपीजीआरडीसी ने 295 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय पेटेंट दायर किए हैं और अमेरिका, यूरोप, कनाडा, जापान, भारत से पेटेंट की अनुमति प्राप्त कर रहे हैं।“
 
 
 
 
 
श्री विनोद एस. शेणॉय, निदेशक-रिफाइनरी, एचपीसीएल ने कहा कि “25 नई प्रौद्योगिकियों और उत्पादों के विकास और व्यावसायीकरण के माध्यम से, एचपीजीआरडीसी ने रिफाइनिंग और मार्केटिंग में महत्वपूर्ण लागत लाभ और दक्षता में सुधार किया है। अब तक प्रदान किए गए 20 से अधिक पेटेंटों का व्यावसायीकरण किया गया है और व्यावसायिक प्रौद्योगिकियों के बौद्धिक संपदा अधिकार पेटेंट द्वारा संरक्षित किए गए हैं। इसके अलावा, कई नई प्रौद्योगिकियां और उत्पाद निकट भविष्य में व्यवसायीकरण के लिए तैयार हैं।"