HAL ने संशोधित किया LCA Mk1 अनुबंध, डिलीवरी में देरी से लागत बढ़कर हुई ₹6,542 करोड़

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) Mk1 के फाइनल ऑपरेशनल क्लीयरेंस (FOC) वेरिएंट के अनुबंध में संशोधन किया है। यह अनुबंध मूल रूप से 23 दिसंबर 2010 को हस्ताक्षरित किया गया था, लेकिन डिलीवरी शेड्यूल में बदलाव के कारण इसकी कुल लागत अब ₹5,989.39 करोड़ से बढ़कर ₹6,542.20 करोड़ हो गई है।
बेंगलुरु स्थित HAL द्वारा निर्मित, LCA भारत का स्वदेशी लड़ाकू विमान है। भारतीय वायुसेना को 2025 में 16 LCA Mk1A विमान सौंपे जाने हैं। हालांकि, इस प्रोजेक्ट से जुड़ी चुनौतियों के कारण इसकी पहली डिलीवरी, जो मार्च 2024 के लिए निर्धारित थी, में देरी हो चुकी है। HAL का लक्ष्य 2029 तक कुल 83 ऐसे लड़ाकू विमानों की आपूर्ति करना है।
यह परियोजना भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। LCA Mk1A को अत्याधुनिक एवियोनिक्स, रडार और हथियार प्रणालियों से लैस किया गया है, जो भारतीय वायुसेना की युद्धक क्षमताओं को और अधिक सशक्त बनाएगा।
