नई दिल्ली। रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने 02 नवंबर, 2021 को रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में आयोजित अपनी बैठक में सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण और परिचालन आवश्यकताओं के लिए पूंजी अधिग्रहण प्रस्तावों के लिए आवश्यकता की स्वीकृति (एओएन) को रु 7,965 करोड़ की मंज़ूरी दी। ये सभी प्रस्ताव (100%) भारत में डिजाइन, विकास और निर्माण पर ध्यान देने के साथ 'मेक इन इंडिया' के तहत हैं।
 
घरेलू स्रोतों से खरीद की प्रमुख मंजूरी में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) से बारह लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर शामिल हैं; भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) से लिंक्स यू2 फायर कंट्रोल सिस्टम, जो समुद्री टोही और तटीय निगरानी की नौसेना क्षमता को बढ़ाने के लिए एचएएल से नौसेना युद्ध जहाजों और डोर्नियर एयरक्राफ्ट के मिड लाइफ अपग्रेडेशन की पहचान ट्रैकिंग और क्षमताओं को बढ़ाएगा।
 
'आत्मनिर्भर भारत' को एक और प्रोत्साहन के रूप में, भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) द्वारा निर्मित किए जा रहे उन्नत सुपर रैपिड गन माउंट (एसआरजीएम) में जोड़े गए इन तोपों की मात्रा के साथ नौसेना तोपों की वैश्विक खरीद का मामला बंद कर दिया गया है। 
 
ये एसआरजीएम निर्देशित युद्ध सामग्री और रेंज एक्सटेंशन का उपयोग करके तेजी से युद्धाभ्यास लक्ष्यों को प्राप्त करने की विशिष्ट क्षमताएं प्रदान करते हैं और इन्हें भारतीय नौसेना के युद्धपोतों पर फिट किया जाना है।