ओएनजीसी पेट्रो एडिशन लिमिटेड (ओपीएएल) के नए प्रबंध निदेशक बने श्री बी.एच. वासुदेव प्रसाद, 6 सितंबर 2026 को संभाला पदभार
श्री प्रसाद मैकेनिकल इंजीनियरिंग ग्रेजुएट हैं और उन्होंने इंजीनियरिंग मैनेजमेंट में एम.टेक किया है। कच्चे तेल रिफाइनिंग और हाइड्रोकार्बन इंडस्ट्री में उनके पास 36 साल से ज्यादा का अनुभव है। प्रोजेक्ट्स, कॉर्पोरेट स्ट्रैटेजी, मार्केटिंग, ह्यूमन रिसोर्सेज, मेंटेनेंस, डिजाइन एंड इंजीनियरिंग, प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन, बिजनेस ऑपरेशंस और कॉर्पोरेट गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों में उनकी गहरी विशेषज्ञता है।

नई दिल्ली। ओएनजीसी ग्रुप की प्रमुख पेट्रोकेमिकल कंपनी ओएनजीसी पेट्रो एडिशन लिमिटेड (ओपीएएल) ने श्री बी.एच. वासुदेव प्रसाद को अपना नया प्रबंध निदेशक नियुक्त किया है। उन्होंने 6 सितंबर 2026 को आधिकारिक रूप से पदभार ग्रहण कर लिया।
श्री प्रसाद मैकेनिकल इंजीनियरिंग ग्रेजुएट हैं और उन्होंने इंजीनियरिंग मैनेजमेंट में एम.टेक किया है। कच्चे तेल रिफाइनिंग और हाइड्रोकार्बन इंडस्ट्री में उनके पास 36 साल से ज्यादा का अनुभव है। प्रोजेक्ट्स, कॉर्पोरेट स्ट्रैटेजी, मार्केटिंग, ह्यूमन रिसोर्सेज, मेंटेनेंस, डिजाइन एंड इंजीनियरिंग, प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन, बिजनेस ऑपरेशंस और कॉर्पोरेट गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों में उनकी गहरी विशेषज्ञता है।
श्री बी.एच. वासुदेव प्रसाद का प्रोफाइल और अनुभव
इससे पहले श्री प्रसाद मंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (एमआरपीएल) में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (प्रोजेक्ट्स) के पद पर थे। उन्होंने 1993 में एमआरपीएल जॉइन किया था और रिटायरमेंट से पहले प्रोजेक्ट्स, मार्केटिंग, एचआर और कॉर्पोरेट स्ट्रैटेजी सहित कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। एमआरपीएल में उन्होंने रिफाइनरी विस्तार, अपग्रेडेशन और रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स में अहम भूमिका निभाई।
ओपीएएल गुजरात के दहेज में स्थित ओएनजीसी ग्रुप की एकीकृत पेट्रोकेमिकल कंपनी है। श्री प्रसाद के नेतृत्व में कंपनी को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
ओपीएएल के लिए यह नियुक्ति क्यों महत्वपूर्ण है?
- अनुभवी नेतृत्व: 36 साल से ज्यादा का इंडस्ट्री अनुभव
- प्रोजेक्ट और स्ट्रैटेजी दोनों में माहिर
- एमआरपीएल जैसे बड़े संगठन में वरिष्ठ पदों का अनुभव
- कॉर्पोरेट गवर्नेंस और बिजनेस ऑपरेशंस की समझ
ओपीएएल ओएनजीसी की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड इन्वेस्टमेंट में से एक रही है और अब ओएनजीसी की मेजॉरिटी ओन्ड सब्सिडरी के रूप में पेट्रोकेमिकल्स सेक्टर में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
