नई दिल्ली: वायु सेना के उप प्रमुख (डीसीएएस) एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने स्वदेशी लड़ाकू विमान परियोजनाओं की प्रगति का आकलन करने के लिए 'नेशनल फ्लाइट टेस्‍ट सेंटर', 'एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी' और 'हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल)' के तेजस प्रभाग का दौरा किया।
 
वह खुद एक उत्सुक प्रायोगिक परीक्षण पायलट हैं। वह लड़ाकू विमानों के विकास एवं विनिर्माण में आत्मनिर्भरता के लिए भारतीय वायु सेना के आत्‍मनिर्भर भारत प्रयासों का संचालन कर रहे हैं। 

अपने इस दौरे के दौरान एयर मार्शल ने हल्‍के लड़ाकू विमान (एलसीए) तेजस के सीरीज़ प्रोडक्शन ट्रेनर-01 को उड़ाया, जो अपनी क्षमताओं का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करने के लिए अंतिम दौर के विकास परीक्षण से गुजर रहा है। फिलहाल भारतीय वायु सेना हल्‍के लड़ाकू विमान एमके-1 के साथ उड़ान भरती है और उसके पास 83 हल्‍के लड़ाकू विमान एमके-1ए का ऑर्डर लंबित है।

तेजस डिवीजन के दौरे के दौरान एचएएल की टीम ने डीसीएएस को प्रशिक्षण विमान के उत्पादन की स्थिति और एलसीए एमके-1ए की डिलीवरी की योजना के बारे में जानकारी दी। घरेलू लड़ाकू हेलीकॉप्टर के उत्पादन की स्थिति का आकलन करने के लिए डीसीएएस हल्‍के लड़ाकू हेलीकॉप्टर (एलसीएच) प्रचंड के उत्‍पादन संयंत्र का भी दौरा करेंगे। 
 
भारतीय वायु सेना के लिए 10 एलसीएच लिमिटेड सीरीज़ प्रोडक्शन विमान की डिलीवरी पूरी होने वाली है। साथ ही भारतीय वायु सेना और भारतीय सेना के लिए 145 सीरीज़ प्रोडक्शन एलसीएच के ऑर्डर को पूरा करने के लिए सीरीज़ प्रोडक्शन विमान का उत्‍पादन जल्द शुरू होने की संभावना है।