खान मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्यरत भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण प्रशिक्षण संस्थान (जीएसआईटीआई) को राष्ट्रीय शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीईटी) द्वारा मान्यता प्रदान की गई है।
नई दिल्ली: खान मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्यरत भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण प्रशिक्षण संस्थान (जीएसआईटीआई) को इसके द्वारा प्रदान की जाने वाली उत्कृष्ट सेवाओं और पृथ्वी विज्ञान प्रशिक्षण के क्षेत्र में उच्च मानकों को बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीईटी) द्वारा मान्यता प्रदान की गई है। इसका मूल्यांकन संस्थान द्वारा विभिन्न स्तरों पर अपनाई गई सभी मानक संचालन प्रक्रियाओं व पद्धतियों के निरीक्षण के आधार पर किया गया था। क्षमता निर्माण आयोग (सीबीसी), एनएबीईटी और भारतीय गुणवत्ता नियंत्रण की टीम ने कार्यस्थल पर ही इसका मूल्यांकन किया और अति उत्तम की ग्रेडिंग के साथ प्रत्यायन प्रमाणपत्र प्रदान किया।
जीएसआईटीआई का मुख्यालय हैदराबाद में है, जिसे वर्ष 1976 में स्थापित किया गया था। इसके छह क्षेत्रीय प्रशिक्षण प्रभाग (आरटीडी) हैदराबाद, नागपुर, जयपुर, लखनऊ, कोलकाता और शिलांग में स्थित हैं। इसके अलावा चित्रदुर्ग (कर्नाटक), रायपुर (छत्तीसगढ़), जावर (राजस्थान) और कुजू (झारखंड) में भी चार क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र (एफटीसी) स्थापित किए गए हैं। यह केंद्र भूविज्ञान के विभिन्न विषयों में भूविज्ञान पेशेवरों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं और छात्रों को विभिन्न तरह के प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए खान मंत्रालय के दृष्टिकोण के अनुसार स्थापित किए गए हैं।
इस प्रकार से जीएसआईटीआई खान मंत्रालय के तहत एक राष्ट्रीय प्रशिक्षण सुविधा है, जो केंद्रीय और राज्य स्तरीय विभागों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (एमईसीएल, ओएनजीसी, ओआईएल, एनएमडीसी), राष्ट्रीय शैक्षणिक संस्थानों (आईआईटी, केंद्रीय विश्वविद्यालयों व कॉलेजों), विद्यालयों सहित कई हितधारकों को प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण सुविधाएं प्रदान करती है। संस्थान नियमित रूप से भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा प्रायोजित एनएनआरएमएस कार्यक्रम के तहत रिमोट सेंसिंग पर पाठ्यक्रम आयोजित करता है।
यह अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संस्थान है और विदेश मंत्रालय द्वारा प्रायोजित आईटीईसी कार्यक्रम के तहत विकासशील देशों के प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रदान करता है। संस्थान द्वारा 75 देशों के पेशेवरों को पहले ही प्रशिक्षित किया जा चुका है।
जीएसआईटीआई, हैदराबाद में अपने केंद्र और देश भर में स्थित आरटीडी तथा एफटीसी के माध्यम से डोमेन विशिष्ट व क्षेत्र आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करता है। हिमालय सहित विभिन्न भूभागों की मानचित्रण तकनीकों, खनिज क्षेत्रों (सोना, हीरा, तांबा, लिथियम, आरईई, लोहा, मैंगनीज आदि) को लक्षित करने के लिए अन्वेषण विधियों, फोटो-जियोलॉजी व रिमोट सेंसिंग, भौगोलिक सूचना प्रणाली, पेट्रोलॉजी, जियोक्रोनोलॉजी, भूभौतिकी, रसायन विज्ञान में विश्लेषणात्मक तरीके, पर्यावरण एवं शहरी भूविज्ञान और प्राकृतिक खतरे का शमन तथा रिमोट सेंसिंग और भौगोलिक गतिविधियों में डोमेन दक्षताओं को सुधारने हेतु प्रशिक्षण पाठ्यक्रम की पेशकश की जाती है।
संस्थान कर्मचारियों की कार्यात्मक दक्षताओं के उन्नयन के लिए पाठ्यक्रम संचालित करता है। यह उन विषयों को शामिल करने पर भी ध्यान केंद्रित करता है, जो अधिकारियों में व्यवहारिक दक्षताओं का दोहन करता है।