नई दिल्ली: माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने बुद्धवार, 07 जून, को हुडा सिटी सेंटर से साइबर सिटी तक स्पर (साइड लाइन) के साथ द्वारका एक्सप्रेसवे, गुरुग्राम तक 28.50 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली मेट्रो कनेक्टिविटी को मंजूरी दी है। इस मार्ग में 27 स्टेशन होंगे।
 
परियोजना को पूरी करने की कुल लागत 5,452 करोड़ रुपये होगी। यह 1435 एमएम (5 फीट 8.5 इंच) की एक स्टैंडर्ड गेज लाइन होगी। परियोजना एलीवेडेट होगी। बसई गांव से डिपो तक कनेक्टिविटी के लिए स्पर दिया गया है। 
 
परियोजना को मंजूरी की तिथि से चार वर्ष में पूरा करने का प्रस्ताव है और इसे हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचएमआरटीसी) द्वारा कार्यान्वित किया जाना है, जिसे मंजूरी आदेश जारी होने के बाद भारत सरकार और हरियाणा सरकार के 50:50 स्पेशल पर्पस व्हीकल (एसपीवी) के रूप में स्थापित किया जाएगा।
 
 

गलियारे का नाम

लम्बाई

(किमी. में)

स्टेशन की संख्या

एलीवेटेड/अंडरग्राउंड

हुडा सिटी सेंटर से साइबर सिटी सेंटर-मुख्य गलियारा

26.65

26

एलीवेटेड

बसई गांव से द्वारका एक्सप्रेसवे-स्पर

1.85

01

एलीवेटेड

कुल

28.50

27

लाभ:

आज तक पुराने गुरुग्राम में कोई मेट्रो लाइन नहीं है। इस लाइन की मुख्य विशेषता न्यू गुरुग्राम को पुराने गुरुग्राम से जोड़ना है। यह नेटवर्क भारतीय रेलवे स्टेशन से जुड़ जाएगा। अगले चरण में, यह आईजीआई हवाई अड्डे के लिए कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। यह क्षेत्र में समग्र आर्थिक विकास भी प्रदान करेगा।

अनुमोदित गलियारे का विवरण इस प्रकार है:

विवरण

हुडा सिटी सेंटर से साइबर सिटी, गुरुग्राम

लम्बाई

28.50 किलोमीटर

स्टेशनों की संख्या

27 स्टेशन

(सभी एलीवेटेड)

एलाइनमेंट

न्यू गुरुग्राम क्षेत्र

ओल्ड गुरुग्राम क्षेत्र

हुडा सिटी सेंटर – सेक्टर 45 – साइबर पार्क – सेक्टर 47 – सुभाष चौक – सेक्टर 48 – सेक्टर 72ए – हीरो होंडा चौक – उद्योग विहार फेज 6 – सेक्टर 10 – सेक्टर 37 – बसई गांव – सेक्टर 9 – सेक्टर 7 – सेक्टर 4 – सेक्टर 5 – अशोक विहार – सेक्टर 3 – बजघेरा रोड – पालम विहार एक्सटेंशन – पालम विहार – सेक्टर 23ए – सेक्टर  22 – उद्योग विहार फेज 4 – उद्योग विहार फेज 5 – साइबर सिटी

द्वारका एक्सप्रेसवे (सेक्टर 101) तक स्पर

डिजाइन स्पीड

80 किमी प्रतिघंटा

औसत स्पीड

34 किमी प्रतिघंटा

प्रस्तावित पूर्णता लागत

रुपये 5,452.72 करोड

भारत सरकार का शेयर

रु. 896.19 करोड़

हरियाणा सरकार का शेयर

रु. 1,432.49 करोड़

स्थानीय निकाय योगदान (हुडा)

रु. 300 करोड़

पीटीए (पास थ्रू असिस्टेंस-ऋण घटक)

रु. 2,688.57 करोड़

पीपीपी (लिफ्ट और एस्केलेटर)

रु. 135.47 करोड़

पूरा होने का समय

परियोजना को स्वीकृति मिलने की तिथि से चार वर्ष

क्रियान्वयन एजेंसी

हरियाणा मास रेपिड ट्रांसपोर्ट कोर्पोरेशन लि. (एचएमआरटीसी)

फाइनेंशियल इंटरनल रेट ऑफ रिटर्न (एफआईआरआर)

14.07 प्रतिशत

इकोनोमिक इंटरनल रेट ऑफ रिटर्न (ईआईआरआर)

21.79 प्रतिशत

गुरुग्राम अनुमानित जनसंख्या

लगभग 25 लाख

अनुमानित दैनिक यात्री

5.34 लाख – वर्ष 2026

7.26 लाख – वर्ष 2031

8.81 लाख – वर्ष 2041

10.70 लाख – वर्ष 2051

प्रस्तावित गलियारे का मार्ग मानचित्र अनुलग्नक-के अनुसार है।

ऋण का प्रबंध यूरोपीय निवेश बोर्ड (ईआईबीऔर विश्व बैंक (डब्ल्यू बी) के साथ किया जा रहा है।

पृष्ठभूमि:
 
गुरुग्राम में अन्य मेट्रो लाइनें
 
(क) डीएमआरसी की (येलो) लाइन (लाइन-2) - अनुलग्नक-1 में पीले रंग के रूप में दर्शाया गया है
 
i.मार्ग की लंबाई- 49.019 किमी (समयपुर बादली-हुडा सिटी सेंटर; 37 स्टेशन)
ii.दिल्ली भाग- 41969 किमी (समयपुर बादली-अर्जनगढ़; 32 स्टेशन)
iii.हरियाणा भाग- 7.05 किमी (गुरु द्रोणाचार्य - हुडा सिटी सेंटर; 5 स्टेशन)
iv.दैनिक यात्रियों की संख्या- 12.56 लाख
v.हुडा सिटी सेंटर में लाइन-2 के साथ प्रस्तावित लाइन की कनेक्टिविटी
vi.विभिन्न खंडों पर प्रचालन प्रारंभ होने की तिथि
 

विश्वविद्यालय से कश्मीरी गेट

दिसंबर 2004

कश्मीरी गेट से केंद्रीय सचिवालय

जुलाई 2005

विश्वविद्यालय से जहांगीरपुरी

फरवरी 2009

कुतुब मीनार से हुडा सिटी

जनवरी 2010

कुतुब मीनार से केंद्रीय सचिवालय

सितंबर 2010

जहांगीरपुरी से समयपुर बादली

नवम्बर 2015

 
 
यह लाइन ब्रॉड गेज 1676 मिमी (5 फीट 6 इंच गेज) है।
 
(ख) रैपिड मेट्रो गुरुग्राम (अनुलग्नक-1 में हरे रंग के रूप में दिखाया गया है)
 
(i) मार्ग की लंबाई - 11.6 किमी
 
(ii) स्टैंडर्ड गेज- 1435 मिमी (4 फीट 8.5 इंच)
 
(iii) दो चरणों में निर्मित लाइन।
 
. पहला चरण सिकंदरपुर से साइबर हब के बीच 5.1 किलोमीटर की कुल मार्ग लंबाई के साथ लूप है, जिसे शुरू में डीएलएफ और आईएलएंडएफएस समूह की दो कंपनियों यानी आईईआरएस (आईएलएंडएफएस इनसो रेल सिस्टम) और आईटीएनएल (आईएलएंडएफएस ट्रांसपोर्ट नेटवर्क लिमिटेड) के कंसोर्टियम द्वारा बनाया गया था। पहला चरण 14.11.2013 से रैपिड मेट्रो गुड़गांव लिमिटेड नामक एसपीवी द्वारा चलाया गया था।
 
. दूसरा चरण सिकंदरपुर से सेक्टर-56 के बीच 6.5 किलोमीटर की मार्ग लंबाई के साथ है, जिसे शुरू में आईएलएंडएफएस की दो कंपनियों यानी आईटीएनएल (आईएलएंडएफएस ट्रांसपोर्ट नेटवर्क लिमिटेड) और आईआरएल (आईएलएंडएफएस रेल लिमिटेड) के कंसोर्टियम द्वारा निर्मित किया गया था। यह चरण 31.03.2017 से एसपीवी अर्थात् रैपिड मेट्रो गुड़गांव साउथ लिमिटेड द्वारा चलाया गया था।
 
. उच्च न्यायालय के आदेश के संदर्भ में 22.10.2019 से हरियाणा मास रैपिड ट्रांजिट कंपनी (एचएमआरटीसी) द्वारा संचालन का अधिग्रहण किया गया था, जब रियायतग्राही इस प्रणाली को चलाने से पीछे हट गए थे।
 
. इस लाइन का संचालन एचएमआरटीसी ने डीएमआरसी को सौंपा है। इससे पहले डीएमआरसी ने 16.09.2019 से रैपिड मेट्रो लाइन चलाना जारी रखा था।
 
. रैपिड मेट्रो गुरुग्राम की औसत राइडरशिप लगभग 30,000 है। सप्ताह के दिनों में कुल दैनिक यात्रियों की संख्या लगभग 48,000 है।
 
. रैपिड मेट्रो लाइन के साथ प्रस्तावित लाइन की कनेक्टिविटी साइबर हब पर है।
 
मल्टी मोडल कनेक्टिविटी:
 
. सेक्टर-5 के पास रेलवे स्टेशन के साथ- 900 मीटर।
 
. सेक्टर-22 में आरआरटीएस के साथ।
 
. हुडा सिटी सेंटर में येलो लाइन स्टेशन के साथ।
 
                         गुरुग्राम का सेक्टर-वार मानचित्र अनुलग्नक-2 के रूप में संलग्न है।
 
परियोजना की तैयारी:
 
. 90 प्रतिशत भूमि सरकारी भूमि है और 10 प्रतिशत निजी है।
. उपयोगी सुविधाओं का स्थानांतरण शुरू।
. विश्व बैंक और यूरोपीय निवेश बैंक से संपर्क किया।
. जीसी निविदा प्रक्रिया अधीन।