नई दिल्ली: प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) के केंद्रीय सचिव श्री वी. श्रीनिवास (आईएएस) ने आज जम्मू-कश्मीर सिविल सचिवालय में जम्मू और कश्मीर एकीकृत शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली (जेकेआईजीआरएएमएस) पोर्टल पर शिकायत निवारण तंत्र की प्रगति और प्रभावशीलता का आकलन करने के लिए जम्मू-कश्मीर के शिकायत निवारण अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता की। यह अपनी तरह की एक विशिष्‍ट पहल है।
 
बैठक में जम्मू-कश्मीर की लोक शिकायत सचिव रेहाना बतुल, प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) के वरिष्ठ अधिकारी (तकनीकी अधिकारियों सहित), ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के सामान्‍य सेवा केन्‍द्र जेकेएलजीजीसी, जेकेआईएमपीएआरडी के प्रतिनिधियों और प्रशासनिक विभागों, विभागाध्‍यक्ष (एचओडी) कार्यालयों और जम्‍मू-कश्‍मीर के विभिन्‍न जिलों के सभी नोडल अधिकारियों ने भाग लिया।
 
बैठक में जम्मू-कश्मीर एकीकृत शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली (जेकेआईजीआरएएमएस) पोर्टल की कार्यप्रणाली से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा हुई। प्रणालीगत उन्नयन/तकनीकी प्रगति के साथ जम्मू-कश्मीर में शिकायत निवारण तंत्र को सुदृढ़ करने के लिए एक रोडमैप के अतिरिक्‍त, क्षमता निर्माण पहल और जेकेआईजीआरएएमएस पोर्टल की नियमित निगरानी आदि पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
 
बैठक के दौरान प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने अपने संबोधन में कहा कि उपयोग में सहज और कार्य प्रणाली में दक्ष पोर्टल की महत्‍वपूर्ण भूमिका है, जिससे नागरिक अपनी शिकायतें आसानी से दर्ज कर सकें और उनकी प्रक्रिया को आसानी से ट्रैक कर सकें। उन्‍होंने नागरिकों की शिकायतों पर तुरंत ध्‍यान देने पर बल दिया  और जनता के बीच अधिकतम संतुष्टि सुनिश्चित करने के लिए प्रणाली में निरंतर सुधार की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक के दौरान, उन्होंने केन्‍द्रशासित प्रदेश के नोडल अधिकारियों को चर्चा में भाग लेने के लिए प्रोत्‍साहित किया और सचिवालय के कई अधिकारियों से भी चर्चा की। 
 
केंद्रीय सचिव ने इच्छा जताई की शिकायतों का प्रभावी निवारण सुनिश्चित करने के लिए जम्‍मू-कश्‍मीर उपराज्‍यपाल शिकायत प्रकोष्‍ठ (जेकेएलजीजीसी) द्वारा निम्नलिखित कदम उठाए जाने चाहिए :
 
1. शिकायतों का योजनावार वर्गीकरण।
 
2. इंटेलिजेंट शिकायत मॉनिटरिंग डैशबोर्ड का परिचय।
 
3.शिकायतों का ऑटो रूटिंग।
 
4. सेवोत्तम योजना के तहत सभी नोडल अधिकारियों के लिए क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम।
 
5. केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली (सीपीजीआरएएमएस) के अनुरूप मासिक रिपोर्ट का प्रकाशन।
 
6. वरीयता क्रम में अंतिम श्रेणी के अधिकारियों को सूची‍बद्ध करना। 
 
7. कॉल सेंटरों में फीडबैक प्रणाली की शुरुआत।
 
8. शिकायतों के निपटान के संबंध में जिलों/विभागों/एचओडी की रैंकिंग का परिचय।
 
9. जम्मू-कश्मीर एकीकृत शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली (जेकेआईजीआरएएमएस) पोर्टल में एक अपील प्रणाली का शुरुआत।
 
10. वन यूटी वन पोर्टल।
बैठक के दौरान अपने संबोधन में जम्‍मू-कश्‍मीर की लोक शिकायत सचिव सुश्री रेहाना बतुल ने केंद्रीय सचिव श्री वी. श्रीनिवास और अन्‍य अधिकारियों की जम्मू-कश्मीर एकीकृत शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली (जेकेआईजीआरएएमएस) पोर्टल की समग्र कार्यप्रणाली और शिकायतों के निपटान के बारे में जानकारी दी। 
 
उन्होंने कहा कि जेकेआईजीआरएएमएस पोर्टल पर शिकायतों के निपटान का प्रतिशत वर्तमान में 96 प्रतिशत है और अब तक पोर्टल पर प्राप्त 3,22,964 शिकायतों में से 3,10,132 शिकायतों का निपटान किया जा चुका है। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली (सीपीजीआरएएमएस) पोर्टल के माध्यम से जेकेआईजीआरएएमएस को प्राप्त 26,739 शिकायतों में से 25,755 का 96 प्रतिशत की निपटान दर के साथ निपटान किया गया है। 
 
सुश्री रेहाना बतुल ने विश्‍वास दिलाया कि केंद्रीय सचिव श्री वी. श्रीनिवास के सुझावों के अनुरूप जम्मू-कश्मीर उपराज्यपाल शिकायत प्रकोष्ठ (जेकेएलजीजीसी) की शिकायत निवारण प्रणाली में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।