नई दिल्ली- केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज 9 मई, 2023 पश्चिम बंगाल में लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के विभिन्न विकास कार्यों का उद्घाटन और शिलान्यास किया।
 
श्री अमित शाह ने आईसीपी पेट्रापोल पर मैत्रीद्वार, सीमा सुरक्षा बल(बीएसएफ) के नवनिर्मित बॉर्डर ऑउटपोस्ट्स(बीओपी) और अन्य भवनों का भी वर्चुअल उद्घाटन किया। इस अवसर पर केन्द्रीय गृहराज्य मंत्री श्री निशिथ प्रमाणिक, केन्द्रीय पत्तन मंत्री श्री शांतनु ठाकुर, लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष और सीमा सुरक्षा बल के महानिर्देशक सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहें।
 
अपने संबोधन की शुरूआत में श्री अमित शाह ने गुरुदेव रविन्द्रनाथ टैगोर को उनकी जयंती पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
 
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आज यहां लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया और बीएसएफ की कई योजनाओं का शुभारंभ और भूमिपूजन हुआ है। उन्होंने कहा कि लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया ना केवल भारत के अर्थतंत्र को गति देने वाली संस्था है बल्कि भारत के मैत्री के संदेश की राजदूत भी है।
 
उन्होंने कहा कि भारत की 15 हज़ार किलोमीटर लंबी भूमि सीमा और सभी दक्षिणी एशियाई देशों के साथ हमारे सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया एक बहुत बड़ी संस्था है जिसे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने 2016 से नई गति, दिशा और आयाम देने का काम किया है।  उन्होंने कहा कि प्रतिदिन पेत्रापोल पर प्रतिदिन 600 से 700 ट्रक का यातायात और व्यापार होता है। यहां अक्सर भीड़भाड़ की समस्या रहती थी लेकिन अब यहां दूसरा कार्गो गेट बनने से इस समस्या का समाधान हो जाएगा।
श्री अमित शाह ने कहा कि 2016 से 2022 के दौरान लैंड पोर्ट कार्गो और यात्री के आंकड़ों में  काफी वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि 2016 से 17 में 18,000 करोड़ रूपए का व्यापार बढ़कर आज 30,000 करोड़ रूपए पार कर गया है, ये बताता है कि लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने कितना अच्छा काम किया है।  इसके अलावा पेट्रापोल में 2021 में पैसेंजर टर्मिनल बिल्डिंग बनने के बाद से सालाना 5 लाख यात्री, यानी रोज़ाना लगभग 11,000 यात्रियों की आवागमन की सुविधा यहां हुई है।
 
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि भारत और बांग्लादेश संबंध साझा संस्कृति, भाषा, कला और जीवन परंपराओं पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि भारत और बांगदेश के संबंध कोई तोड़ नहीं सकता। श्री अमित शाह ने कहा कि हज़ारों सालों से एक ही संस्कृति के आधार पर जीने वाले दो राष्ट्रों के बीच, बांग्लादेश के जन्म से लेकर आज तक भारत ने हमेशा बांग्लादेश के इतिहास में मैत्रीपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की आज़ादी की लड़ाई में सीमा सुरक्षा बल का स्वर्णिम योगदान रहा है। इसी कारण आज भी भारत और बांग्लादेश के बीच सौहार्द्रपूर्ण और ऊष्मापूर्ण रिश्ते रहे हैं, जिन्हें इस स्थान से नई गति और ऊर्जा मिलेगी।
 
श्री अमित शाह ने कहा कि आज यहां एक पुलिस स्टेशन भवन, हॉस्टल और बंगाल की सीमा पर 108 करोड़ की लागत से बीएसएफ के 7 विभिन्न थानों का उद्घाटन किया गया है। उन्होंने कहा कि 15,000 किलोमीटर की भारत की भूमि सीमा 7 देशों को छूती है और दक्षिण एशिया के सभी देशों के साथ हमारे संबंध और व्यापारिक रिश्ते मजबूत करने हेतु नई नीति बनाई गई।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि लैंड पोर्ट्स का विकास ना केवल मोदी जी के भारत के 5 ट्रिलियन डॉलर वाली अर्थव्यवस्था बनने के सपने को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण है बल्कि पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंधों के लिए भी ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया भारत के पड़ोसी देशों के साथ एक राजदूत की तरह काम करते हुए आगे बढ़ रही है। 
 
श्री शाह ने कहा कि लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के लिए विगत 5 सालों में कई इनिशिएटिव लिए गए हैं, जिनमें पोर्ट ऑटोमेशन सिस्टम, लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम, लैंड पोर्ट डिजिटल सिक्योरिटी एंड मॉनिटरिंग सिस्टम, डिजिटल पोर्ट एसेट मैनेजमेंट सिस्टम, सुविधा पोर्टल, अटारी में एकीकृत जांच चौकी बनाना और अगरतला लैंड पोर्ट पर यात्री सुविधाएं देना शामिल हैं। 
 
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि सीमा सुरक्षा बल(बीएसएफ) ने भी बर्फीली चोटियों से लेकर रेगिस्तान तक, भूमि सीमा से लेकर बंगाल की खाड़ी तक, हर जगह हमारी भूमि और सीमाओं की सुरक्षा में कोई कसर नहीं छोड़ी है। उन्होंने कहा कि बीएसएफ के बिना भारत की भूमि सीमाओं की सुरक्षा की कल्पना ही नहीं की जा सकती है। श्री शाह ने कहा कि जब बीएसएफ का जवान सीमा पर तैनात होता है, तब देश में किसी को भी देश की भूमि सीमाओं की सुरक्षा की कोई चिंता नहीं होती है।