नई दिल्ली : बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय अंतर्देशीय जलमार्गों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इस क्रम में, ब्रह्मपुत्र नदी पर विकसित किए जा रहे 'नदी आधारित पर्यटन सर्किट' के लिए भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई), सागरमाला डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड (एसडीसीएल), असम पर्यटन विकास निगम लिमिटेड (ए टी डी सी) और  अंतर्देशीय जल परिवहन निनिर्देशालय (डीआईडब्ल्यूटी) असम के बीच 19 मई 2023 को गुवाहाटी में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया जायेगा। यह हस्ताक्षर समारोह असम के मुख्यमंत्री डॉ हिमंत बिस्वा सरमा और भारत केंद्रीय बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग और आयुष मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल की उपस्थिति में होगा।  

परियोजना को सागरमाला कार्यक्रम के तहत 40-45 करोड़ रुपये की शुरुआती लागत से विकसित किया जा रहा है। एसडीसीएल और आईडब्ल्यूएआई संयुक्त रूप से परियोजना लागत का 55% योगदान देंगे जबकि शेष एटीडीसी द्वारा प्रदान किया जाएगा। डीआईडब्ल्यूटी ने परियोजना के लिए मंदिरों के पास घाटों का मुफ्त उपयोग करने की सहमति दी है।

यह सागरमाला परियोजना गुवाहाटी में स्थित कामाख्या, पांडुनाथ, अश्वक्लांता, डौल गोविंदा, उमानंद, चक्रेश्वर और औनियती सतरा नाम के सात ऐतिहासिक मंदिरों को जोड़ेगी। यह सर्किट हनुमान घाट, उजान बाजार से निकलेगा और जलमार्गों के माध्यम से उपरोक्त सभी मंदिरों को कवर करके अपनी यात्रा पूरी करेगा। फेरी सेवा से एक पूर्ण सर्किट को पूरा करने के लिए कुल यात्रा समय को 2 घंटे से कम करने की उम्मीद है।