Kalpataru Projects International Ltd (KPIL) ने 24 अक्टूबर 2026 की BSE फाइलिंग में अपनी परोक्ष मटेरियल सहायक कंपनी Linjemontage i Grästorp AB (LMG) के IPO से जुड़े ग्रीन शू विकल्प के आंशिक इस्तेमाल की जानकारी दी। KPIL LMG IPO में इस विकल्प के तहत 18,77,911 शेयरों का इस्तेमाल हुआ है। शेयरों के बाजार भाव को सहारा देने के लिए निर्धारित स्थिरीकरण अवधि भी समाप्त हो गई है।

विकल्प के इस्तेमाल के बाद बचने वाले 2,68,832 शेयर Kalpataru Power Transmission Sweden AB (KPTS) को लौटाए जाएंगे। इसके परिणामस्वरूप LMG में KPTS की हिस्सेदारी 66.45% होगी, जिसमें 3,40,42,919 शेयर शामिल होंगे। KPTS, Kalpataru Projects की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है।

KPIL ने फाइलिंग के साथ LMG की 23 अक्टूबर 2026 की विज्ञप्ति संलग्न की है। कंपनी के मुताबिक, उसे यह जानकारी उसी दिन रात करीब 10:38 बजे भारतीय समयानुसार मिली थी।

ऑफर और स्थिरीकरण का ब्योरा

LMG के मौजूदा शेयरों की पेशकश के बाद Nasdaq Stockholm पर कारोबार 25 सितंबर 2026 को शुरू हुआ था। ABG Sundal Collier AB ने एकमात्र ग्लोबल कोऑर्डिनेटर और स्थिरीकरण प्रबंधक की भूमिका में ग्रीन शू विकल्प का आंशिक इस्तेमाल किया। पेशकश की प्रमुख शर्तें थीं:

  • मूल ऑफर का आकार 1,43,11,620 शेयर था।
  • ऑफर मूल्य SEK 46 प्रति शेयर रखा गया था।
  • ग्रीन शू विकल्प के तहत अधिकतम 21,46,743 अतिरिक्त मौजूदा शेयर उपलब्ध थे, जो मूल ऑफर के 15% के बराबर थे।
  • इस विकल्प के इस्तेमाल की अवधि कारोबार के पहले दिन से 30 कैलेंडर दिन थी।

ABG ने 25 सितंबर को 2,500 शेयरों, 29 सितंबर को 2,62,254 शेयरों और 30 सितंबर को 4,078 शेयरों में स्थिरीकरण लेनदेन किए। सभी लेनदेन SEK 46 प्रति शेयर पर हुए। LMG ने स्पष्ट किया कि स्थिरीकरण अवधि समाप्त होने के बाद अब ऐसे कोई और लेनदेन नहीं किए जाएंगे।

LMG का कारोबार और वित्तीय स्थिति

LMG स्वीडन और नॉर्वे में बिजली अवसंरचना के लिए EPC सेवाएं देती है। उसका काम सबस्टेशनों तथा ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के निर्माण एवं नवीनीकरण से जुड़ा है। Nasdaq Stockholm पर इसका टिकर LMGAB है।

31 मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष में कंपनी की शुद्ध बिक्री SEK 3,225 मिलियन और समायोजित EBITA, SEK 245 मिलियन रहा। समायोजित EBITA मार्जिन 7.6% था। 30 जून 2026 तक कंपनी की ऑर्डर बुक SEK 4,349 मिलियन थी। कंपनी ने भारत में एक परिचालन केंद्र भी स्थापित किया है, जिससे स्वीडन और नॉर्वे की परियोजनाओं को इंजीनियरिंग सहायता मिलने की अपेक्षा है।