सोमवार को  नेपाल के सुप्रीम कोर्ट ने भंग हुई प्रतिनिधि सभा को करीब पांच महीने में दूसरी बार बहाल कर दिया। नेपाल की शीर्ष अदालत ने अगले दो दिनों के भीतर नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा को पीएम के रूप में नियुक्त करने का भी आदेश दिया। 
 
 
 
 
 
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को बड़ा झटका लगा, जो वर्तमान में विश्वास मत हारने के बाद अल्पमत सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं।
 
 
 
मुख्य न्यायाधीश चोलेंद्र शमशेर राणा की अगुवाई वाली बेंच  ने पिछले सप्ताह मामले में सुनवाई पूरी की थी। न्यायपीठ में शीर्ष अदालत के  चार अन्य वरिष्ठतम न्यायाधीश दीपक कुमार कार्की, मीरा खडका, ईश्वर प्रसाद खातीवाड़ा और डॉ आनंद मोहन भट्टराई शामिल थे।
 
 
 
 
पिछले हफ्ते चुनाव आयोग ने चुनावों को लेकर अनिश्चितता के बावजूद मध्यावधि चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा की थी।
 
 
 
 
राष्ट्रपति द्वारा सदन को भंग करने के खिलाफ नेपाली कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन द्वारा एक सहित 30 से अधिक याचिकाएं दायर की गईं।