Unimech Aerospace IPO से जुटाई गई ₹250 करोड़ की पूरी राशि इस्तेमाल हो चुकी है। Unimech Aerospace and Manufacturing Ltd ने 27 अक्टूबर, 2026 को BSE में दाखिल CARE Ratings Limited की निगरानी रिपोर्ट में यह जानकारी दी। 30 सितंबर, 2026 को समाप्त तिमाही की रिपोर्ट के अनुसार, कोई राशि अप्रयुक्त नहीं बची है और उद्देश्यों से विचलन नहीं बताया गया है।

कंपनी के ऑडिट कमेटी और निदेशक मंडल ने रिपोर्ट पर विचार किया है। यह निगरानी IPO के ₹250 करोड़ के नए शेयर निर्गम से प्राप्त धन के उपयोग से संबंधित है। रिपोर्ट में खर्च का आकलन मूल पेशकश दस्तावेज के साथ बाद में मंजूर किए गए संशोधित उद्देश्यों के आधार पर किया गया है।

सितंबर तिमाही में कहां खर्च हुई राशि

जुलाई-सितंबर तिमाही में कंपनी ने ₹2.20 करोड़ खर्च किए। इसमें ₹1.62 करोड़ निर्गम संबंधी खर्चों और ₹0.58 करोड़ सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के तहत विक्रेताओं के भुगतान पर लगाए गए। निर्गम खर्च अनुमान से कम रहने के कारण बची ₹0.58 करोड़ राशि को बोर्ड ने 3 अगस्त, 2026 को पुनर्आवंटित करने की मंजूरी दी थी। इसका उपयोग 18 अगस्त, 2026 को हुआ।

संशोधित आवंटन के अनुसार, निम्न मदों की पूरी राशि इस्तेमाल हो चुकी है:

  • कंपनी की मशीनरी और उपकरणों के लिए ₹23.54 करोड़ तथा कार्यशील पूंजी के लिए ₹25.29 करोड़।
  • महत्वपूर्ण सहायक कंपनी के पूंजीगत खर्च के लिए ₹35.43 करोड़ और कार्यशील पूंजी के लिए ₹44.71 करोड़।
  • सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए ₹41.23 करोड़ और निर्गम खर्च के लिए ₹18.51 करोड़।
  • विलय-अधिग्रहण, संयुक्त उद्यम और ग्रीनफील्ड परियोजनाओं के लिए ₹61.29 करोड़।

पुनर्आवंटन और समयसीमा पर रिपोर्ट की टिप्पणियां

शेयरधारकों ने 19 दिसंबर, 2025 के पोस्टल बैलट के जरिए मशीनरी, सहायक कंपनी के पूंजीगत खर्च और कर्ज चुकौती के लिए पहले निर्धारित राशि में से ₹61.287 करोड़ नए उद्देश्यों में लगाने की मंजूरी दी थी। इसमें कर्ज चुकौती के लिए रखे गए पूरे ₹40 करोड़ शामिल थे।

रिपोर्ट के अनुसार, सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों और अनिर्धारित अधिग्रहण या निवेश लक्ष्यों का संयुक्त आवंटन सकल IPO राशि के 40% से अधिक था, जबकि उद्धृत SEBI प्रावधान में सीमा 35% है। CARE ने साथ ही कहा कि बदलाव शेयरधारकों के विशेष प्रस्ताव से Companies Act की धाराओं 13 और 27 के अनुपालन में किया गया।

नए उद्देश्यों में मार्च, 2026 तक निर्धारित ₹36.77 करोड़ का उपयोग 27 अप्रैल, 2026 को पूरा हुआ, यानी 27 दिन की देरी हुई। मार्च, 2027 तक निर्धारित शेष ₹24.52 करोड़ जून, 2026 तक इस्तेमाल हो गए। CARE ने स्पष्ट किया कि यह निगरानी रिपोर्ट ऑडिट नहीं है और वह प्राप्त सूचनाओं का स्वतंत्र सत्यापन नहीं करती।