Tayo Rolls CIRP मामले में समाधान योजना के क्रियान्वयन पर रोक के बीच वैधानिक अनुपालन में गतिरोध सामने आया है। 13 अक्टूबर 2026 को BSE पर उपलब्ध कराए गए पत्र में कंपनी के पूर्व अनुपालन अधिकारी ने 30 जून 2026 को समाप्त तिमाही के अनुपालन में कठिनाइयों की जानकारी दी। उन्होंने अपने तथा अन्य पूर्व प्रमुख प्रबंधकीय अधिकारियों के लिए इस संबंध में दायित्व से छूट देने का अनुरोध किया है।

BSE स्टॉक कोड 504961 वाली कंपनी का यह पत्र कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया यानी CIRP से संबंधित श्रेणी में दाखिल हुआ है। पत्र का विषय जून तिमाही के अनुपालन हैं। इसमें समाधान प्रक्रिया से जुड़े पक्षों के बीच विवाद और मतभेदों को तिमाही तथा वार्षिक वैधानिक अनुपालन की समयसीमा पूरी करने में बाधा बताया गया है।

JBVNL की समाधान योजना के क्रियान्वयन पर रोक

पत्र के अनुसार, NCLT, Kolkata ने दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता यानी IBC के तहत Tayo Rolls के अधिग्रहण के लिए Jharkhand Bijli Vitran Nigam Ltd (JBVNL) की समाधान योजना मंजूर की थी। हालांकि, पत्र में बताया गया है कि NCLAT, New Delhi ने योजना के क्रियान्वयन पर रोक लगाई है। इसलिए योजना की मंजूरी और उसके क्रियान्वयन की स्थिति अलग-अलग है।

पत्र लिखने वाले पूर्व अनुपालन अधिकारी का कहना है कि समाधान योजना मंजूर होने के बाद वैधानिक अनुपालन की जिम्मेदारी सफल समाधान आवेदक यानी SRA पर आती है। उन्होंने नियुक्ति के बाद समाधान पेशेवर यानी RP की अनुपालन संबंधी जिम्मेदारी का भी उल्लेख किया है। जिम्मेदारियों और पूर्व अधिकारियों के दायित्व को लेकर ये बातें पत्र में प्रस्तुत पक्ष हैं।

आधिकारिक ईमेल और वेबसाइट भी निष्क्रिय

पत्र में आरोप लगाया गया है कि बार-बार प्रयासों के बावजूद SRA और RP ने वैधानिक अनुपालन के प्रति पर्याप्त रुचि नहीं दिखाई, जिससे अनुपालन पूरा करना और उसकी रिपोर्ट देना संभव नहीं हो रहा। पत्र के मुताबिक, कंपनी के आधिकारिक ईमेल आईडी और वेबसाइट भी निष्क्रिय हैं।

पूर्व अनुपालन अधिकारी ने BSE से इस गतिरोध को संज्ञान में लेने और संबंधित पूर्व अधिकारियों को अनुपालन संबंधी दायित्व से छूट देने की अपील की है। उपलब्ध सामग्री में इस अनुरोध को स्वीकार किए जाने की जानकारी नहीं है। पत्र में मार्च 2025 को समाप्त तिमाही और वित्त वर्ष के लिए भी इसी तरह के गतिरोध की पूर्व सूचना का उल्लेख है।