Paluck Technologies का FY27 लक्ष्य ₹130-140 करोड़ राजस्व और ₹17-18 करोड़ कर-पश्चात लाभ (PAT) हासिल करना है। कंपनी ने 5 नवंबर 2026 को BSE में दाखिल अर्निंग्स कॉल ट्रांसक्रिप्ट में यह जानकारी दी। 3 नवंबर को हुई कॉल सितंबर 2026 में समाप्त छमाही के नतीजों पर केंद्रित थी। ये आंकड़े प्रबंधन के अनुमान हैं।

प्रबंधन के अनुसार, पहली छमाही का राजस्व लगभग ₹51.2 करोड़ रहा, जिसमें सालाना आधार पर करीब 34% वृद्धि हुई। ऑटोमोबाइल एवं इंजीनियरिंग सेवाओं से ₹27.15 करोड़ और उपकरण किराये से लगभग ₹24 करोड़ राजस्व मिला। दोनों कारोबारों की राजस्व वृद्धि क्रमशः 38% और 29% रही। प्रबंधन ने छमाही PAT करीब ₹5 करोड़ और लाभ वृद्धि लगभग 42% बताई।

दूसरी छमाही से अधिक कारोबार की उम्मीद

कंपनी ने दूसरी छमाही के लिए ₹85-90 करोड़ राजस्व और ₹12-13 करोड़ PAT का अनुमान दिया। प्रबंधन के मुताबिक, सामान्यतः पहली छमाही में सालाना राजस्व का लगभग 40% और दूसरी छमाही में 60% आता है। बारिश के मौसम से पहली छमाही का कारोबार प्रभावित होता है, जबकि खर्च लगभग समान रहने से दूसरी छमाही में लाभ का योगदान अधिक रहता है।

  • टेलीकॉम कारोबार का सकल मार्जिन लगभग 20-23% और निर्माण उपकरण किराये का करीब 35% बताया गया। संयुक्त सकल मार्जिन 23-25% है।
  • कंपनी लगभग 60,000 टेलीकॉम नोड संभालती है और निर्माण उपकरणों के उसके बेड़े में 192 इकाइयां हैं।
  • प्रबंधन के अनुसार, लगभग 85-90% कारोबार आवर्ती है। टेलीकॉम अनुबंध सामान्यतः चार-पांच साल और उपकरण किराये के अनुबंध तीन-पांच साल के हैं।

IPO निवेश के साथ नकदी प्रवाह पर दबाव

प्रबंधन ने कहा कि सितंबर में मिले IPO फंड का इस्तेमाल पहली छमाही में नहीं हुआ। दूसरी छमाही में इनका उपयोग होगा और असर मुख्यतः FY28 में दिखने की उम्मीद है। कंपनी ने FY28 के लिए ₹190-200 करोड़ राजस्व का शुरुआती लक्ष्य बताया। अगले दो-तीन महीनों में लगभग ₹50 करोड़ के अतिरिक्त ऑर्डर मिलने की उम्मीद जताई गई; इन्हें पक्के ऑर्डर नहीं बताया गया है।

हालांकि, प्रबंधन ने दूसरी छमाही में भी परिचालन नकदी प्रवाह नकारात्मक रहने की संभावना स्वीकार की। देशभर में टेलीकॉम सेवाओं के लिए इन्वेंटरी रखने और पुर्जों का भंडार भरने से कार्यशील पूंजी की जरूरत बढ़ी। उपकरण खरीद पर पूंजीगत खर्च से अलग नकदी निकासी होगी। प्रबंधन ने ग्राहकों से भुगतान मिलने की सामान्य अवधि 90-120 दिन बताई और दूसरी छमाही में वसूली के दिनों में कमी की उम्मीद जताई।