Info Edge का निवेश प्रस्ताव मंजूर हो गया है। Info Edge (India) Ltd ने 13 अक्टूबर 2026 की BSE फाइलिंग में बताया कि उसके बोर्ड ने दो पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनियों में कुल करीब ₹200 करोड़ के इक्विटी निवेश को स्वीकृति दी है। Startup Internet Services Limited (SISL) और Startup Investments (Holding) Limited (SIHL), प्रत्येक में करीब ₹100 करोड़ लगाए जाएंगे।

इस मंजूरी के तहत कंपनी ने फिलहाल दोनों सहायक कंपनियों के करीब ₹45 करोड़ के शेयर खरीदने पर सहमति दी है। शेष राशि उनकी भविष्य की फंड जरूरतों और उस समय लागू शर्तों के अनुसार एक या अधिक किस्तों में डाली जाएगी। फाइलिंग में निवेश पूरा करने की अनुमानित अवधि मंजूरी से एक वर्ष के भीतर बताई गई है।

दोनों कंपनियों में निवेश की शर्तें

  • SISL में करीब ₹20 करोड़ के शुरुआती निवेश के लिए ₹10 अंकित मूल्य वाले 2,00,00,000 इक्विटी शेयर खरीदे जाएंगे। मंजूर राशि में से बाकी करीब ₹80 करोड़ बाद की किस्तों में लगाए जाएंगे।
  • SIHL में करीब ₹25 करोड़ के शुरुआती निवेश के लिए 83,94,895 इक्विटी शेयर खरीदे जाएंगे। प्रत्येक शेयर का अंकित मूल्य ₹10 और प्रीमियम ₹19.78 है। शेष करीब ₹75 करोड़ जरूरत के अनुसार लगाए जाएंगे।

दोनों निवेश नकद भुगतान के जरिए होंगे। कंपनी के अनुसार, राशि से सहायक कंपनियों को निवेश के अवसर तलाशने, वैकल्पिक निवेश कोषों (AIF) में योगदान और अन्य सामान्य उद्देश्यों में मदद मिलेगी। SISL इंटरनेट, कंप्यूटर, इलेक्ट्रॉनिक और संबंधित सेवाओं के कारोबार से जुड़ी है। SIHL मुख्य रूप से तकनीकी कंपनियों में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष निवेश तथा AIF निवेश जैसी गतिविधियां करती है।

स्वामित्व और वित्तीय स्थिति

निवेश पूरा होने के बाद दोनों कंपनियां पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनियां बनी रहेंगी। SISL में Info Edge की हिस्सेदारी 100% है। SIHL में उसका पूरा स्वामित्व प्रत्यक्ष रूप से और अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली Naukri Internet Services Ltd. के जरिए है।

31 मार्च 2026 के वित्तीय विवरण के अनुसार, SISL का कर पश्चात लाभ ₹1.77 करोड़ और नेटवर्थ ₹5.45 करोड़ थी। SIHL का कर पश्चात घाटा ₹0.02 करोड़ और नेटवर्थ ₹203.31 करोड़ थी। दोनों ने वित्त वर्ष 2025-26, 2024-25 और 2023-24 में शून्य टर्नओवर दर्ज किया।

सहायक कंपनियां होने के कारण दोनों निवेश संबंधित पक्ष के लेनदेन की श्रेणी में आते हैं। फाइलिंग के मुताबिक, लेनदेन आर्म्स लेंथ आधार पर होंगे और इनके लिए सरकारी या नियामकीय मंजूरी लागू नहीं है।