India Home Loan नतीजे: तिमाही मुनाफा 89.38% घटकर ₹0.79 लाख, कुल आय भी घटी
India Home Loan का सितंबर तिमाही का स्टैंडअलोन मुनाफा ₹0.79 लाख रहा। कुल आय में भी गिरावट आई; बोर्ड ने स्वतंत्र निदेशक, COO और कंपनी सचिव की नियुक्तियां कीं।

India Home Loan नतीजे: कंपनी का सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही में स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 89.38% घटकर ₹0.79 लाख रह गया। 4 नवंबर 2026 की BSE फाइलिंग के अनुसार, पिछले वर्ष की समान तिमाही में मुनाफा ₹7.44 लाख था। कुल आय भी ₹350.49 लाख से घटकर ₹304.58 लाख रही।
बोर्ड ने दूसरी तिमाही और 30 सितंबर 2026 को समाप्त छमाही के अनऑडिटेड वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी। नीचे दिए गए आंकड़े स्टैंडअलोन हैं और सालाना तुलना सितंबर 2025 की तिमाही से की गई है।
| मद | सितंबर 2026 तिमाही | सितंबर 2025 तिमाही | सालाना बदलाव |
|---|---|---|---|
| कुल आय | ₹304.58 लाख | ₹350.49 लाख | 13.10% गिरावट |
| कर पूर्व लाभ | ₹2.12 लाख | ₹5.37 लाख | 60.52% गिरावट |
| शुद्ध मुनाफा | ₹0.79 लाख | ₹7.44 लाख | 89.38% गिरावट |
| प्रति शेयर आय, बेसिक और डाइल्यूटेड | ₹0.01 | ₹0.05 | 80% गिरावट |
परिसंपत्तियां और ऑडिटर की टिप्पणी
कंपनी की प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियां यानी AUM 30 सितंबर 2026 को ₹4,731 लाख रहीं, जबकि 30 जून 2026 को यह ₹4,858 लाख थीं। सितंबर के अंत में सकल NPA अनुपात 2.74% और शुद्ध NPA अनुपात 1.96% रहा।
वैधानिक ऑडिटर H K Shah & Co. ने सीमित समीक्षा में ऐसा कोई मामला सामने नहीं आने की बात कही, जिससे नतीजों में महत्वपूर्ण गलतबयानी का संकेत मिले। यह सीमित समीक्षा थी, पूर्ण ऑडिट नहीं।
हालांकि, ऑडिटर ने ‘Emphasis of Matters’ में कहा कि कंपनी के कारोबार जारी रखने की स्थिति में सुधार हो रहा है, लेकिन राजस्व और बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कानूनी प्रक्रिया के तहत कब्जे में ली गई संपत्तियों को बिक्री के लिए रखी परिसंपत्तियों के रूप में दिखाने का भी उल्लेख किया। कंपनी ने बकाया NCD राशि को टर्म लोन में बदलने अथवा भुगतान पर मोहलत के लिए बैंकरों से बातचीत की जानकारी दी; किसी मंजूरी की सूचना नहीं दी गई।
बोर्ड और प्रबंधन में नियुक्तियां
बोर्ड ने 4 नवंबर 2026 से प्रभावी तीन नियुक्तियां भी कीं:
- Manmohan Jindal को पांच वर्ष के पहले कार्यकाल के लिए अतिरिक्त गैर-कार्यकारी स्वतंत्र निदेशक नियुक्त किया गया। नियुक्ति आगामी वार्षिक या असाधारण आम बैठक में शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन है। उन्हें बैंकिंग में 30 वर्ष का अनुभव है।
- Mitesh M. Pujara को मुख्य परिचालन अधिकारी यानी COO और प्रमुख प्रबंधकीय कार्मिक नियुक्त किया गया। उन्हें वित्तीय सेवाओं और पूंजी बाजार में 20 वर्ष से अधिक अनुभव है। वह कंपनी के निदेशक और CEO Mahesh N. Pujara के पुत्र हैं।
- Ganesh Ruvikar को पूर्णकालिक कंपनी सचिव और अनुपालन अधिकारी नियुक्त किया गया। वह ICSI के एसोसिएट सदस्य हैं और कॉरपोरेट सचिवीय कार्यों तथा नियामकीय अनुपालन का अनुभव रखते हैं।
