Gravita India Ltd ने अपनी मटेरियल सब्सिडियरी Rashtriya Metal Industries Limited (RMIL) के राइट्स इश्यू में लगभग ₹94.42 करोड़ का अतिरिक्त निवेश मंजूर किया है। 17 अक्टूबर, 2026 की BSE फाइलिंग के अनुसार, Gravita India निवेश के तहत राइट्स इश्यू की सदस्यता के लिए जरूरत पड़ने पर इससे अधिक राशि भी लगा सकती है।

RMIL के निदेशक मंडल ने इस राइट्स इश्यू को मंजूरी दी है। Gravita ने बताया कि प्रस्तावित निवेश का उद्देश्य सब्सिडियरी की सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए धन उपलब्ध कराना है। यह सूचना कंपनी की 30 सितंबर, 2026 की पूर्व सूचना के क्रम में दी गई है।

लेनदेन नकद भुगतान के जरिए होगा और इसे RMIL के राइट्स ऑफर में तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाना है। फाइलिंग में किसी निश्चित समापन तारीख का उल्लेख नहीं है। कंपनी ने सरकारी या नियामकीय मंजूरी की आवश्यकता को लागू नहीं बताया है।

राइट्स इश्यू के बाद हिस्सेदारी में मामूली बदलाव

प्रस्तावित सदस्यता के बाद RMIL में Gravita की हिस्सेदारी 99.5880% से बढ़कर 99.5881% होगी। इस तरह निवेश पहले से मौजूद मटेरियल सब्सिडियरी में किया जा रहा है; फाइलिंग में इसे राइट्स इश्यू के जरिए प्रस्तावित अधिग्रहण बताया गया है।

  • RMIL, Gravita की मटेरियल सब्सिडियरी होने के कारण संबंधित पक्ष है।
  • कंपनी के अनुसार, लेनदेन आर्म्स लेंथ आधार पर होगा।
  • बताए गए संबंध के अलावा प्रमोटर या प्रमोटर समूह का इस लेनदेन में कोई हित नहीं है।

अतिरिक्त निवेश की बताई गई राशि अनुमानित है। कंपनी ने राइट्स इश्यू की सदस्यता के लिए आवश्यक होने पर अधिक राशि लगाने की गुंजाइश रखी है, लेकिन उसकी कोई अलग अधिकतम सीमा नहीं बताई है।

RMIL का कारोबार और वित्तीय आंकड़े

RMIL तांबे और तांबा मिश्रधातु के स्ट्रिप्स तथा कॉइल बनाती है। भारत में 28 नवंबर, 1946 को स्थापित कंपनी UAE, USA, थाईलैंड, श्रीलंका, ओमान, सऊदी अरब, केन्या और इंडोनेशिया सहित कई देशों को निर्यात करती है।

31 मार्च, 2026 को RMIL की नेटवर्थ ₹330 करोड़ और कुल परिसंपत्तियां ₹579 करोड़ थीं। वित्त वर्ष 2025-26 में उसका टर्नओवर ₹1,041 करोड़ रहा। फाइलिंग में पिछले तीन वर्षों के आंकड़े दिए गए हैं:

वित्त वर्ष टर्नओवर (₹ करोड़)
2025-26 1,041
2024-25 910
2023-24 688