Eimco Elecon (India): Eimco Elecon Q2 नतीजे: राजस्व 70.9% बढ़कर ₹57 करोड़, ऑर्डर बुक ₹133 करोड़
Eimco Elecon का Q2 FY27 राजस्व 70.9% बढ़कर ₹57 करोड़ रहा। मुनाफा ₹8 करोड़ और ऑर्डर बुक ₹133 करोड़ पहुंची, हालांकि पिछली तिमाही से राजस्व और मुनाफा घटे हैं।

Eimco Elecon Q2 नतीजे: कंपनी का सितंबर 2026 में समाप्त तिमाही का परिचालन राजस्व 70.9% बढ़कर ₹57 करोड़ रहा, जो एक साल पहले ₹33 करोड़ था। Eimco Elecon (India) Ltd ने 13 अक्टूबर 2026 को BSE में दाखिल निवेशक प्रस्तुति में ये आंकड़े दिए। प्रस्तुति तिमाही और छमाही के अनऑडिटेड स्टैंडअलोन वित्तीय परिणामों पर आधारित है।
तिमाही में शुद्ध लाभ ₹8 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह ₹5 करोड़ था। कंपनी ने राजस्व वृद्धि का श्रेय ऑर्डर बुक के निष्पादन, नए ऑर्डर और मांग को दिया। EBITDA 108.8% बढ़कर ₹11 करोड़ हुआ और इसका मार्जिन 15.4% से सुधरकर 18.8% पहुंचा। कंपनी के अनुसार, बेहतर क्षमता उपयोग और कुशल निष्पादन ने परिचालन लागत नियंत्रित रखने में मदद की।
सितंबर तिमाही के स्टैंडअलोन आंकड़े
| मद | Q2 FY27 | Q2 FY26 | सालाना बदलाव |
|---|---|---|---|
| परिचालन राजस्व | ₹57 करोड़ | ₹33 करोड़ | 70.9% वृद्धि |
| कर पूर्व लाभ | ₹10 करोड़ | ₹7 करोड़ | 51.8% वृद्धि |
| शुद्ध लाभ | ₹8 करोड़ | ₹5 करोड़ | लगभग 47% वृद्धि |
| EPS | ₹14 | ₹9 | ₹5 वृद्धि |
प्रस्तुति में रकम पूर्णांक में दिखाई गई है; प्रतिशत बदलाव कंपनी के दिए आंकड़ों पर आधारित हैं। शुद्ध लाभ की वृद्धि वित्तीय तालिका में 46.7% और विवरण में 46.5% है। EPS का अंतर प्रदर्शित मूल्यों से निकाला गया है।
परिचालन मार्जिन सुधरने के बावजूद शुद्ध लाभ मार्जिन घटकर 13.8% रहा। कंपनी ने इसकी मुख्य वजह कम अन्य आय बताई, जो ₹4 करोड़ से घटकर ₹2 करोड़ रही। पिछली तिमाही के मुकाबले राजस्व 26.7% और शुद्ध लाभ 49.2% घटा; Q1 FY27 में ये क्रमशः ₹78 करोड़ और ₹15 करोड़ थे।
ऑर्डर बुक और छमाही प्रदर्शन
30 सितंबर 2026 को ऑर्डर बुक ₹133 करोड़ रही, जबकि एक साल पहले यह ₹44 करोड़ थी। कंपनी ने 202% सालाना वृद्धि बताई और इसे संपूर्ण खनन समाधानों की मांग तथा सरकारी व निजी क्षेत्र के ग्राहकों की रुचि से जोड़ा।
H1 FY27 में राजस्व 33.3% बढ़कर ₹134 करोड़, EBITDA 43.4% बढ़कर ₹25 करोड़ और शुद्ध लाभ 17.1% बढ़कर ₹23 करोड़ रहा। छमाही में परिचालन गतिविधियों से शुद्ध नकदी प्रवाह ₹2 करोड़ था। कार्यशील पूंजी में बदलाव से नकदी पर ₹16 करोड़ का नकारात्मक असर पड़ा।
