Agribio Spirits विलय योजना को कंपनी के इक्विटी शेयरधारकों ने 24 अक्टूबर 2026 को हुई बैठक में मंजूरी दे दी। कंपनी ने उसी दिन BSE को दी गई फाइलिंग में बताया कि Agribiotech Industries Limited के Agribio Spirits Limited में विलय का प्रस्ताव सार्वजनिक शेयरधारकों सहित जरूरी बहुमत से पारित हुआ। बैठक NCLT की जयपुर पीठ के निर्देश पर बुलाई गई थी।

योजना के तहत Agribiotech Industries Limited हस्तांतरणकर्ता कंपनी और Agribio Spirits Limited हस्तांतरण प्राप्त करने वाली कंपनी है। प्रस्ताव में दोनों कंपनियों तथा उनके संबंधित शेयरधारकों और लेनदारों के बीच अवशोषण के जरिए विलय की व्यवस्था शामिल है। इसे कंपनी अधिनियम, 2013 की धाराओं 230 से 232 और अन्य लागू प्रावधानों के तहत रखा गया था।

Agribio Spirits पहले Beekay Niryat Limited के नाम से जानी जाती थी। इसका BSE स्क्रिप कोड 539546 है। फाइलिंग में दर्ज परिणाम शेयरधारकों द्वारा योजना की मंजूरी से संबंधित है; इसमें विलय पूरा होने की घोषणा नहीं की गई है।

NCLT के निर्देश पर हुई बैठक

बैठक NCLT की जयपुर पीठ के 13 अगस्त 2026 के आदेश और 3 सितंबर 2026 के संशोधित आदेश के अनुसार आयोजित हुई। इसकी अध्यक्षता न्यायाधिकरण द्वारा नियुक्त Nandini Gore ने की। जरूरी कोरम मौजूद होने पर उन्होंने बैठक की कार्यवाही शुरू की और उपस्थित निदेशकों, कंपनी सचिव तथा मतदान जांचकर्ता का परिचय कराया।

शेयरधारकों की अनुमति से 17 सितंबर 2026 की बैठक सूचना को पढ़ा हुआ माना गया। अध्यक्ष ने सदस्यों को विलय योजना पर सवाल पूछने और टिप्पणी करने का अवसर दिया, लेकिन किसी शेयरधारक ने कोई सवाल नहीं उठाया। बैठक दोपहर 3 बजे शुरू होकर 3:35 बजे समाप्त हुई।

मतदान और परिणाम प्रस्तुत करने की प्रक्रिया

  • रिमोट ई-वोटिंग 19 अक्टूबर 2026 को सुबह 9 बजे से 23 अक्टूबर 2026 को शाम 5 बजे तक खुली रही।
  • पहले मतदान नहीं करने वाले शेयरधारकों को बैठक के दौरान VC/OAVM के जरिए ई-वोटिंग या बैठक स्थल पर मतपत्र से वोट देने का विकल्प मिला।
  • NCLT ने Ansh Kakar को रिमोट ई-वोटिंग और बैठक के दौरान हुए मतदान की जांच के लिए नियुक्त किया था।

कंपनी की निदेशक Puja Bajoria ने बताया कि मतदान परिणाम और जांचकर्ता की रिपोर्ट NCLT की जयपुर पीठ को सौंपी जाएगी। ये दस्तावेज कंपनी के पंजीकृत कार्यालय, उसकी वेबसाइट और CDSL की वेबसाइट पर उपलब्ध कराए जाएंगे तथा लागू व्यवस्था के अनुसार BSE को भी भेजे जाएंगे।