Shipping Corporation of India Land and Assets: SCILAL तिमाही नतीजे: कर-पूर्व लाभ 167.97% बढ़कर
SCILAL का सितंबर तिमाही में स्टैंडअलोन कर-पूर्व लाभ ₹15.73 करोड़ रहा। कुल आय में 1.67% वृद्धि हुई, जबकि MTI खंड घाटे में रहा। पढ़ें BSE में दाखिल नतीजों का

SCILAL तिमाही नतीजे: Shipping Corporation of India Land and Assets Ltd का 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही में स्टैंडअलोन कर-पूर्व लाभ ₹15.73 करोड़ रहा, जो सालभर पहले के ₹5.87 करोड़ से 167.97% अधिक है। कंपनी ने 28 अक्टूबर 2026 की BSE फाइलिंग में ये आंकड़े दिए। बोर्ड ने उसी दिन तिमाही और छमाही के अनऑडिटेड स्टैंडअलोन वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी।
तिमाही की कुल आय ₹27.56 करोड़ से बढ़कर ₹28.02 करोड़ हुई, यानी सालाना आधार पर 1.67% वृद्धि। इस तरह कर-पूर्व लाभ की वृद्धि कुल आय की बढ़ोतरी से अधिक रही। बुनियादी प्रति शेयर आय यानी EPS ₹0.09 से बढ़कर ₹0.25 रही। ये सभी आंकड़े स्टैंडअलोन आधार पर हैं और इन्हें समेकित नतीजे नहीं माना जाना चाहिए।
सितंबर तिमाही की सालाना तुलना
नीचे दी गई तुलना 30 सितंबर को समाप्त संबंधित तिमाहियों की है। रकम करोड़ रुपये में है; EPS रुपये प्रति शेयर में है और इसका वार्षिकीकरण नहीं किया गया है।
| वित्तीय संकेतक | सितंबर 2026 तिमाही | सितंबर 2025 तिमाही | सालाना बदलाव |
|---|---|---|---|
| कुल आय | ₹28.02 करोड़ | ₹27.56 करोड़ | 1.67% वृद्धि |
| कर-पूर्व लाभ | ₹15.73 करोड़ | ₹5.87 करोड़ | 167.97% वृद्धि |
| बुनियादी EPS | ₹0.25 | ₹0.09 | 177.78% वृद्धि |
खंडवार प्रदर्शन में प्रशिक्षण संस्थान वाले MTI खंड का घाटा ₹0.71 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में ₹2.32 करोड़ का घाटा था। इसकी आय ₹6.21 करोड़ से घटकर ₹4.95 करोड़ रही। ‘Others’ खंड का परिणाम ₹8.19 करोड़ से बढ़कर ₹16.44 करोड़ हुआ और खंड की आय ₹21.35 करोड़ से बढ़कर ₹23.07 करोड़ रही। कंपनी के अनुसार, इस खंड में निवेश संपत्ति से किराया और ब्याज आय शामिल हैं।
छमाही प्रदर्शन और ऑडिटर की समीक्षा
सितंबर 2026 को समाप्त छह महीनों में कुल आय ₹55.83 करोड़ रही, जबकि पिछले साल की समान अवधि में ₹54.37 करोड़ थी। छमाही का कर-पूर्व लाभ ₹25.22 करोड़ से बढ़कर ₹33.95 करोड़ रहा। सितंबर तिमाही के आंकड़े छमाही और जून तिमाही के अनऑडिटेड आंकड़ों के अंतर से निकाले गए हैं।
वैधानिक ऑडिटर B. D. Jokhakar & Co. ने बिना संशोधन वाला सीमित समीक्षा निष्कर्ष दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, समीक्षा में ऐसा कोई तथ्य सामने नहीं आया जिससे आवश्यक खुलासों में कमी या कोई भौतिक गलतबयानी होने का संकेत मिले। सीमित समीक्षा का दायरा पूर्ण ऑडिट से छोटा होता है; ऑडिटर ने ऑडिट राय नहीं दी है।
कंपनी ने बताया कि प्राप्तियों, देनदारियों और जमा राशियों के शेष की पुष्टि तथा मिलान की प्रक्रिया जारी है। प्रबंधन को इससे वित्तीय नतीजों पर असर डालने वाले किसी भौतिक अंतर की उम्मीद नहीं है।
