Paramount Communications विस्तार योजना के तहत नर्मदापुरम में ₹300 करोड़ की नई विनिर्माण परियोजना पर काम कर रही है। कंपनी ने 26 अक्टूबर 2026 को BSE में दाखिल Q2 FY27 निवेशक प्रस्तुति में परियोजना का ब्योरा दिया। इसके अनुसार, 30 सितंबर 2026 तक ऑर्डर बुक ₹731 करोड़ थी और नए संयंत्र में आंशिक उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य Q1 FY28 है।

मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में 31 एकड़ में बन रही इस परियोजना के लिए ₹300 करोड़ का निवेश बताया गया है। यहां 220 kV तक के EHV केबल बनाने की योजना है। प्रस्तुति में इस परियोजना के लिए FY28 में ₹500 करोड़ और FY29 में ₹1,200 करोड़ के कारोबार का लक्ष्य रखा गया है। ये भविष्य के लक्ष्य हैं, हासिल हो चुका कारोबार नहीं।

मौजूदा संयंत्रों के साथ विशेष केबल क्षमता पर जोर

कंपनी के दो मौजूदा उत्पादन संयंत्र हरियाणा के धारूहेड़ा और राजस्थान के खुशखेड़ा में हैं। प्रस्तुति के मुताबिक, दोनों संयंत्र लगभग इष्टतम क्षमता उपयोग पर चल रहे हैं। तीसरा संयंत्र निर्माणाधीन है। कंपनी का सालाना मेटल थ्रूपुट FY23 के 9,691 टन से बढ़कर FY26 में 29,664 टन रहा।

नर्मदापुरम विस्तार के जरिए कंपनी EHV केबल, विशेष ट्रांसमिशन कंडक्टर, E-Beam और अन्य विशेष केबल क्षेत्रों में क्षमता विकसित करना चाहती है। उसके मौजूदा पोर्टफोलियो में 25 से अधिक उत्पाद श्रेणियां और 2,500 से अधिक SKU हैं।

  • उत्पाद बिजली, दूरसंचार, रेलवे, घरेलू वायरिंग और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में इस्तेमाल होते हैं।
  • कंपनी की पहुंच 35 से अधिक निर्यात बाजारों में है और अमेरिका में उसके आठ वितरक हैं।
  • उसके ग्राहक आधार में 950 से अधिक संस्थागत ग्राहक और वितरण नेटवर्क में 250 से अधिक चैनल पार्टनर हैं।

FY26 के आंकड़े और प्रबंधन की प्राथमिकताएं

प्रस्तुति के अनुसार, FY26 में राजस्व ₹1,912 करोड़, EBITDA ₹118 करोड़ और कर पश्चात लाभ ₹60 करोड़ रहा। नेटवर्थ ₹778 करोड़ और ऋण-इक्विटी अनुपात 0.15 गुना था। कंपनी ने बताया कि टैरिफ संबंधी व्यवधान और एकमुश्त मदों ने FY26 के मार्जिन पर दबाव डाला।

Chairman & CEO Sanjay Aggarwal ने परिचालन लाभप्रदता बहाल करने, मूल कारोबार मजबूत करने, सावधानी से अंतरराष्ट्रीय मौजूदगी बढ़ाने और उत्पाद मिश्रण बेहतर करने को प्राथमिकताएं बताया। कंपनी के मुताबिक, विशेष विनिर्माण क्षमताओं में निवेश अधिक तकनीकी जरूरत वाले अनुप्रयोगों और उच्च मूल्य वाले क्षेत्रों तक पहुंच बनाने में मदद करेगा। प्रस्तुति में स्पष्ट किया गया है कि कुछ आंकड़े संकेतात्मक और अस्थायी हैं तथा भविष्य के वास्तविक परिणाम अनुमानों से अलग हो सकते हैं।