MSWIL Q2 नतीजे: Motherson Sumi Wiring India Ltd ने 4 नवंबर 2026 को BSE में दाखिल निवेशक कॉल ट्रांसक्रिप्ट में बताया कि सितंबर में समाप्त दूसरी तिमाही में उसका राजस्व सालाना आधार पर 47% और कर-पश्चात मुनाफा 35% बढ़ा। 30 अक्टूबर को हुई कॉल में प्रबंधन ने अधिक ग्राहक उत्पादन, नए वाहन मॉडलों और तीन नए संयंत्रों के योगदान को वृद्धि की वजह बताया।

तिमाही आधार पर राजस्व 19% और मुनाफा 54% बढ़ा। EBITDA में सालाना 34% और पिछली तिमाही के मुकाबले 45% वृद्धि हुई। EBITDA मार्जिन 9.2% रहा, जो पहली तिमाही में 7.6% था। प्रबंधन के अनुसार, परिचालन दक्षता में सुधार से प्रदर्शन को सहारा मिला, हालांकि तांबे, न्यूनतम वेतन और अन्य लागतों का दबाव बना रहा।

राजस्व वृद्धि में तांबे की महंगाई का भी हिस्सा

प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि 47% राजस्व वृद्धि में तांबे की महंगाई का योगदान 12 प्रतिशत अंक था। इसे हटाने पर वृद्धि 35% रही, जो EBITDA की 34% वृद्धि के करीब है। कंपनी ने बताया कि तांबे की लागत ग्राहकों को हस्तांतरित की जाती है।

  • तांबे के दाम तिमाही आधार पर करीब 6% और सालाना आधार पर 54% बढ़े।
  • अधिकांश ग्राहकों से लागत की वसूली में करीब तीन महीने लगते हैं; कुछ मामलों में यह अंतराल छह महीने तक है।
  • न्यूनतम वेतन वृद्धि की लागत की वसूली पर बातचीत जारी है। कंपनी पूरी वसूली का प्रयास कर रही है, लेकिन परिणाम तय नहीं है।

कंपनी ने कहा कि तीनों नए संयंत्र अब अनुकूल उपयोग स्तर पर काम कर रहे हैं। उत्पादन बढ़ने के साथ इन संयंत्रों की लागत का राजस्व के अनुपात में बोझ कम हुआ है। प्रबंधन ने संयंत्रवार मार्जिन नहीं बताया।

EV योगदान और पूंजीगत खर्च का खाका

तिमाही राजस्व में EV की हिस्सेदारी 10% और पहली छमाही में 9.3% रही। प्रबंधन के अनुसार, वाहनों में अधिक सुविधाओं से प्रति वाहन सामग्री का मूल्य बढ़ने तथा EV और ICE मॉडल लॉन्च से कारोबार को मदद मिली।

कंपनी ने FY27 के लिए लगभग 200 करोड़ रुपये के पूंजीगत खर्च का मार्गदर्शन दोहराया, जो पिछले वर्ष के करीब है। FY28 का खर्च अभी तय नहीं है, क्योंकि ग्राहकों के कार्यक्रमों पर स्पष्टता आनी बाकी है।

प्रबंधन ने यात्री वाहन उद्योग में स्वस्थ वृद्धि की उम्मीद जताई, लेकिन कहा कि दूसरी छमाही की तुलना पिछले वर्ष GST कटौती के बाद बने ऊंचे आधार से होगी। कंपनी ने आगे के मार्जिन का अनुमान नहीं दिया।