Kolte-Patil Developers: Kolte-Patil की बिक्री Q2 FY27 में 52% बढ़कर रिकॉर्ड ₹1,019 करोड़
Kolte-Patil की तिमाही बिक्री ₹1,019 करोड़ रही और संग्रह 33% बढ़ा। कंपनी ने मुंबई क्षेत्र में ₹6,000 करोड़ के अनुमानित GDV वाली छह पुनर्विकास परियोजनाएं जोड़ीं।

Kolte-Patil की बिक्री Q2 FY27 में सालाना आधार पर 52% बढ़कर ₹1,019 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। Kolte-Patil Developers Ltd ने 13 अक्टूबर 2026 को BSE में दाखिल परिचालन विवरण में यह जानकारी दी। 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही में पुणे की नई परियोजना की बिक्री ने प्रदर्शन को सहारा दिया। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में बिक्री ₹670 करोड़ थी।
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में कंपनी की बिक्री ₹1,636 करोड़ रही, जो उसका अब तक का सर्वाधिक छमाही आंकड़ा है। यह पिछले साल की समान अवधि के ₹1,286 करोड़ से 27% अधिक है। ये आंकड़े कंपनी के परिचालन प्रदर्शन से जुड़े हैं; इन्हें वित्तीय नतीजों में दर्ज राजस्व या मुनाफे के तौर पर प्रस्तुत नहीं किया गया है।
पुणे के लॉन्च से ₹616 करोड़ की बिक्री
कंपनी ने दूसरी तिमाही में पुणे के वडगांव स्थित ‘Vyana at The Reserve’ में लगभग 10 लाख वर्ग फुट क्षेत्र लॉन्च किया। इस परियोजना में ₹616 करोड़ की बिक्री हुई। कंपनी के मुताबिक, बिक्री के लिहाज से यह उसके इतिहास का सबसे सफल लॉन्च रहा।
ग्राहकों से संग्रह और औसत बिक्री प्राप्ति के आंकड़े भी परिचालन विवरण का हिस्सा रहे:
- Q2 FY27 में संग्रह 33% बढ़कर ₹795 करोड़ रहा, जबकि एक साल पहले यह ₹596 करोड़ था।
- पहली छमाही में संग्रह 32% बढ़कर ₹1,509 करोड़ पहुंचा, जबकि पिछले साल समान अवधि में ₹1,146 करोड़ था।
- छमाही औसत बिक्री प्राप्ति 10% बढ़कर ₹8,368 प्रति वर्ग फुट रही। तिमाही प्राप्ति ₹7,829 प्रति वर्ग फुट रही, जबकि पिछले साल ₹7,823 थी।
कंपनी ने छमाही प्राप्ति में वृद्धि की वजह परियोजनाओं में कीमतों का संशोधन और बिक्री में मुंबई की परियोजनाओं का बढ़ा योगदान बताया।
मुंबई क्षेत्र में छह पुनर्विकास परियोजनाएं
Kolte-Patil ने मुंबई के पश्चिमी और मध्य उपनगरों तथा नवी मुंबई में छह पुनर्विकास परियोजनाएं जोड़ी हैं। इनका संयुक्त अनुमानित सकल विकास मूल्य यानी GDV ₹6,000 करोड़ है। कंपनी के अनुसार, मुंबई में किसी एक वर्ष में कारोबार विकास के तहत यह उसका सबसे बड़ा परियोजना जोड़ है। यह अनुमानित विकास मूल्य है, दर्ज बिक्री का आंकड़ा नहीं।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी Hrishikesh Parandekar ने कहा कि व्यापक बाजार, खासकर पुणे में निकट अवधि की मांग नरम पड़ी है, फिर भी कंपनी की कारोबारी रफ्तार बनी रही। उन्होंने नए लॉन्च और चालू परियोजनाओं की बिक्री का उल्लेख किया तथा MMR को कंपनी के विस्तार का अहम बाजार बताया।
