IKIO Technologies नतीजे: कंपनी का सितंबर 2026 तिमाही में समेकित शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 18.05% बढ़कर ₹12.86 करोड़ रहा। 5 नवंबर 2026 की BSE फाइलिंग के अनुसार, परिचालन राजस्व 27.10% बढ़कर ₹208.72 करोड़ पहुंचा। पिछले साल की समान तिमाही में मुनाफा ₹10.89 करोड़ और राजस्व ₹164.22 करोड़ था। बोर्ड ने तिमाही और छमाही के अनऑडिटेड स्टैंडअलोन तथा समेकित नतीजों को मंजूरी दी।

पूर्व में IKIO Lighting Limited के नाम से जानी जाने वाली कंपनी का कारोबार LED लाइटिंग विनिर्माण से जुड़ा है। सितंबर तिमाही में समेकित कर-पूर्व लाभ 41.45% बढ़ा, जबकि कुल आय में 24.68% वृद्धि हुई। नीचे दिए आंकड़े समूह के समेकित प्रदर्शन के हैं।

सितंबर तिमाही का समेकित प्रदर्शन

मद सितंबर 2026 तिमाही सितंबर 2025 तिमाही सालाना बदलाव
परिचालन राजस्व ₹208.72 करोड़ ₹164.22 करोड़ 27.10% वृद्धि
कुल आय ₹210.14 करोड़ ₹168.54 करोड़ 24.68% वृद्धि
कर-पूर्व लाभ ₹19.06 करोड़ ₹13.47 करोड़ 41.45% वृद्धि
शुद्ध मुनाफा ₹12.86 करोड़ ₹10.89 करोड़ 18.05% वृद्धि
बेसिक EPS ₹1.54 ₹1.41 9.22% वृद्धि

राशियां दो दशमलव तक दी गई हैं; प्रतिशत बदलाव फाइलिंग के मूल आंकड़ों से निकाले गए हैं।

समेकित तिमाही मुनाफे में होल्डिंग कंपनी के मालिकों का हिस्सा ₹11.94 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल यह ₹10.03 करोड़ था। सितंबर में समाप्त छमाही का समेकित राजस्व ₹378.01 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹23.90 करोड़ रहा; पिछले साल ये क्रमशः ₹284.35 करोड़ और ₹13.27 करोड़ थे।

स्टैंडअलोन मुनाफा घटा

स्टैंडअलोन आधार पर तिमाही परिचालन राजस्व ₹49.01 करोड़ से बढ़कर ₹67.32 करोड़ और कुल आय ₹52.79 करोड़ से बढ़कर ₹69.77 करोड़ रही। हालांकि, कर-पूर्व लाभ ₹6.46 करोड़ से घटकर ₹6.09 करोड़ तथा शुद्ध मुनाफा ₹4.89 करोड़ से घटकर ₹4.44 करोड़ रहा। बेसिक और डाइल्यूटेड EPS दोनों ₹0.63 से घटकर ₹0.58 रहे। ये आंकड़े केवल मूल कंपनी के हैं।

वैधानिक ऑडिटर Agarwal & Saxena की सीमित समीक्षा का निष्कर्ष बिना संशोधन रहा। समेकित समीक्षा रिपोर्ट में बताया गया कि एक सहायक कंपनी के आंकड़ों की किसी ऑडिटर ने समीक्षा नहीं की थी और उनके लिए प्रबंधन के उपलब्ध कराए आंकड़ों पर निर्भर किया गया। इस इकाई का तिमाही घाटे में हिस्सा ₹3 करोड़ और छमाही घाटे में हिस्सा ₹1.254 करोड़ था।

एक अन्य सहायक कंपनी के लिए दूसरे ऑडिटर की रिपोर्ट पर भरोसा किया गया। इन मामलों से समीक्षा निष्कर्ष नहीं बदला। सीमित समीक्षा पूर्ण ऑडिट से कम दायरे की होती है।

बोर्ड ने ऑडिट समिति की सिफारिश पर Shiv Saroj & Associates को 1 अक्टूबर 2026 से 31 मार्च 2027 की अवधि के लिए आंतरिक ऑडिटर भी नियुक्त किया।