नई दिल्ली: देश के कई सरकारी स्कूलों में पीने के पानी और शौचालय की सुविधा नहीं है. केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने  कहा कि देश के 42,000 से अधिक सरकारी स्कूलों में पीने के पानी की सुविधा नहीं है, जबकि 15,000 से अधिक स्कूलों में शौचालय नहीं हैं. रमेश पोखरियाल ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में राज्यसभा को यह जानकारी शिक्षा के लिए एकीकृत जिला सूचना प्रणाली (यूडीआईएसई) के आंकड़ों के हवाले से दी.
 
उन्होंने कहा, ''यूडीआईएसई के अनुसार 2018-19 में देश में 10,41,327 सरकारी विद्यालयों में पेयजल की सुविधा थी और 10,68,726 विद्यालयों में शौचालय थे.'' पोखरियाल ने कहा, ”राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को बार बार यह सुनिश्चित करने का परामर्श दिया गया है कि गैर सरकारी क्षेत्र सहित सभी विद्यालयों में लड़कों एवं लड़कियों के लिए अलग अलग शौचालयों का प्रावधान होना चाहिए और सभी बच्चों के लिए सुरक्षित एवं पर्याप्त पेयजल सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए.”
 
आंकड़ों के अनुसार जिन 42,074 स्कूलों में पेयजल की सुविधा नहीं है, उनमें सबसे अधिक 8522 स्कूल असम के हैं. आंध्र प्रदेश के 3177, बिहार के 4270, जम्मू-कश्मीर के 2158, मध्य प्रदेश के 5529, झारखंड के 1840, मेघालय के 5208, राजस्थान के 2627, उत्तर प्रदेश के 3368 और पश्चिम बंगाल के 1520 स्कूलों में पेयजल की सुविधा नहीं है.
 
पीने के पानी के बाद लड़कियों के लिए शौचालय की सुविधा न होने के मामले में भी असम नंबर वन पर है. असम में 13,503 स्कूलों में लड़कियों के लिए शौचालय नहीं है. इसी तरह बिहार के 9471, जम्मू-कश्मीर के 1379, कर्नाटक के 1519, मध्य प्रदेश के 5975, महाराष्ट्र के 1583, मेघालय के 1933, ओडिशा में 2484, राजस्थान में 1061 और पश्चिम बंगाल में 2142 स्कूल शामिल हैं.